
सिविल इंजीनियरिंग छोड़कर बने मॉडल, मशहूर कंपनी के लिए किया रैंप वॉक, वायरल
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मुंबई के शुभम वैद्यकर की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. सिविल इंजीनियर के रूप में करियर शुरू करने वाले शुभम ने बड़ा फैसला लेते हुए मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और मिलान फैशन वीक में जॉर्जियो अरमानी के लिए रैंप वॉक किया.
मुंबई के एक युवक शुभम वैद्यकर की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. वजह है उनका अनोखा सफर, सिविल इंजीनियर से मिलान फैशन वीक के रनवे मॉडल बनने तक का.आमतौर पर इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद लोग ऑफिस की नौकरी करते हैं. लेकिन शुभम ने अलग रास्ता चुना. पहले वे भारत में सिविल इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे. फिर उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और आज वे मिलान फैशन वीक में मशहूर फैशन ब्रांड जॉर्जियो अरमानी के लिए रैंप वॉक कर चुके हैं.
सोशल मीडिया पर क्यों हो रहे वायरल? शुभम ने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ पोस्ट शेयर की हैं, जिनमें उनका बड़ा बदलाव साफ नजर आता है. एक तस्वीर में वे फॉर्मल कपड़ों में एक इंजीनियर के रूप में दिखते हैं. दूसरी तस्वीर में वे मिलान के बड़े फैशन शो में स्टाइलिश कपड़ों में रैंप पर चलते नजर आते हैं. इन तस्वीरों का संदेश साफ है- करियर हमेशा एक जैसा नहीं रहता, जिंदगी में बदलाव संभव है.
ग्लैमर के पीछे की सच्चाई मॉडलिंग बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, अंदर से उतनी आसान नहीं होती. इस क्षेत्र में बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्धा होती है. कई बार रिजेक्शन झेलना पड़ता है. बिना पैसे के टेस्ट शूट करने पड़ते हैं. ग्रूमिंग पर खर्च करना पड़ता है. काम की कोई गारंटी नहीं होती. मिलान जैसे शहर में जाकर करियर बनाना आसान नहीं है. इसमें पैसा, धैर्य और हिम्मत तीनों की जरूरत होती है.
कितनी होती है कमाई? जानकारी के अनुसार, मिलान फैशन वीक में अंतरराष्ट्रीय पुरुष मॉडल को एक शो के लिए लगभग 1,000 से 3,000 यूरो तक मिल सकते हैं. बड़े ब्रांड्स के साथ काम करने पर कमाई इससे ज्यादा भी हो सकती है. शुभम ने 2024 में अरमानी के साथ अपने मॉडलिंग करियर की शुरुआत की. अब उनका प्रबंधन एक इंटरनेशनल एजेंसी कर रही है.
क्यों खास है उनकी कहानी? शुभम की कहानी इसलिए लोगों को पसंद आ रही है क्योंकि यह दिखाती है कि अगर आप हिम्मत करें तो जिंदगी में नया रास्ता चुना जा सकता है. इंजीनियरिंग की डिग्री से शुरू हुआ सफर आज अंतरराष्ट्रीय फैशन मंच तक पहुंच गया है. उनकी कहानी एक संदेश देती है, अगर सपना बड़ा हो, तो करियर बदलने से डरना नहीं चाहिए.

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