
सिर्फ़ छोटी कारें नहीं... ये गाड़ियां भी होंगी सस्ती! कम खर्च में पूरा होगा बड़ी SUV का सपना
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GST on Cars: ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) ने जीएसटी के मौजूदा 4 स्लैब वाले स्ट्रक्चर को घटाकर केवल 2 स्लैब में बदलने पर अपनी सहमति दे दी है. इसका असर न केवल एंट्री लेवल छोटी कारों की कीमतों पर पड़ेगा बल्कि बड़ी और लग्ज़री गाड़ियों की कीमतों में भी कटौती देखने को मिलेगी.
केंद्र सरकार द्वारा गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) के स्लैब में सुधार के प्रस्ताव को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) ने अपनी मंजूरी दे दी है. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह ने जीएसटी के मौजूदा 4 स्लैब वाले स्ट्रक्चर को घटाकर केवल 2 स्लैब में बदलने पर अपनी सहमति दे दी है. इस जीएसटी रिफॉर्म से सिर्फ़ छोटी कारें और दोपहिया वाहन ही नहीं, बल्कि बड़ी सेडान और एसयूवी की कीमतों में भी भारी कमी आने की संभावना है.
इन बड़ी कारों पर इस समय तकरीबन 50% तक जीएसटी लगती है, जो घटकर घटकर प्रस्तावित 40% हो सकती है. जो लग्ज़री वस्तुओं पर लगाई जाती है. लेकिन, यह भी आशंका है कि जीएसटी परिषद महंगे वाहनों पर एक नया उपकर (Cess) लगा सकती है. मंत्रिस्तरीय पैनल की बैठक में, कुछ राज्यों ने 40% जीएसटी के ऊपर एक उपकर लगाने की माँग की. वर्तमान में, 4 मीटर से ज़्यादा लंबाई और एक निश्चित स्तर से ज़्यादा इंजन क्षमता वाली एसयूवी और सेडान पर 28% जीएसटी और 22% सेस यानी उपकर लगाया जाता है.
अगले महीने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में होने वाली जीएसटी परिषद (GST Council) की मीटिंग में इन दरों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. इस बीच संकेत मिल रहे हैं कि केंद्र सरकार कुछ लग्ज़री वस्तुओं पर बिना किसी उपकर के सीधे 40% की दर से जीएसटी टैक्स लगाने की इच्छुक है. यानी ऐसे वस्तुओं पर किसी अन्य तरह का सेस या उपकर नहीं लगाया जाएगा.
सरकारी सूत्रों के हवाले से ET की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि, कि उपकर हटा दिया जाएगा क्योंकि जीएसटी लागू करने के कारण राज्यों को "राजस्व हानि" के लिए "मुआवजा" देने के लिए इसे 5 साल के लिए लगाया जाना था, लेकिन कोविड के कारण हुए नुकसान को कवर करने के लिए इसे 3 साल के लिए बढ़ा दिया गया था.
हाल ही में HSBC ने एक रिपोर्ट जारी कर छोटी और बड़ी कारों की कीमतों में संभावित कमी के बारे में बताया था. जिसके अनुसार यदि छोटी कारों पर लगने वाले मौजूदा जीएसटी दर 28% से घटाकर 18% की जाए तो, इससे इन वाहनों की कीमतों में लगभग 8% की कमी देखने को मिल सकती है. वहीं यदि बड़ी कारों पर जीएसटी रेट को घटाकर 40% स्लैब में ट्रांसफर कर दिया जाता है जो इन बड़ी और लग्ज़री कारों की कीमत में 3% से 5% तक की कमी की उम्मीद है.
GST स्लैब में बदलाव का सीधा असर एंट्री लेवल कारों जैसे मारुति ऑल्टो, वैगनआर, स्विफ्ट, डिजायर, ब्रेजा, टाटा पंच, टिएगो, टिगोर, हुंडई आई 10, आई 10, एक्सटर, वेन्यू, किआ सॉनेट पर तो पड़ेगा ही. साथ ही मिड-साइज एसयूवी हुंडई क्रेटा, होंडा एलिवेट, एमजी हेक्टर, टाटा हैरियर, मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाइराइडर और महिंद्रा के एसयूवी लाइन-अप पर भी देखने को मिलेगा. वहीं बड़ी फुल-साइज की लग्ज़री एसयूवी और एमपीवी जैसे टोयोटा फॉर्च्यूनर और इनोवा जैसी कारों के दाम भी घटेंगे.

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