
सिरफिरा आशिक, एकतरफा प्यार और डॉक्टर के क्लीनिक पर लड़की का कत्ल... चार गोलियों से दहल उठी दिल्ली
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दिल्ली के जहांगीरपुरी में एकतरफा प्यार में पागल आशिक ने 15 साल की नाबालिग लड़की को क्लीनिक के अंदर चार गोलियां मार दीं. जानिए इस खौफनाक वारदात की पूरी कहानी और कैसे एक तरफा प्यार बन रहा है खूनी इश्क.
Delhi Jahangirpuri Minor Girl Murder: दिल्ली के जहांगीरपुरी का इलाका अचानक गोलियों की आवाज से दहल उठा. एक डॉक्टर के क्लीनिक में मौजूद 15 साल की नाबालिग लड़की को उसी के मोहल्ले में रहने वाले एक लड़के ने गोली मार दी. वो भी एक नहीं चार-चार गोली. वजह थी एकतरफा प्यार, इश्क का जुनून और खतरनाक पागलपन. वो लड़की आई थी दवा लेने, लेकिन लौटी महज एक लाश बनकर. यह कहानी है उस एक तरफा मोहब्बत की, जिसका अंजाम खूनी बन गया.
गोलियों की आवाज़ से दहला इलाका उत्तर-पश्चिमी दिल्ली का जहांगीरपुरी इलाका दोपहर के वक्त हमेशा की तरह व्यस्त था. लेकिन उसी वक्त डी-ब्लॉक की एक गली में अचानक अफरा तफरी मच गई. वहां गोलियां चली थीं. एक डॉक्टर के क्लीनिक में एक बाद एक कई गोलियों की आवाज गूंजी और देखते ही देखते वहां दहशत फैल गई. लोगों को यकीन नहीं हुआ कि एक डॉक्टर के क्लीनिक में एक नाबालिग लड़की को गोलियों से छलनी कर दिया गया.
सहेली की चीख और कातिल का गुस्सा 15 साल की मासूम नेहा (काल्पनिक नाम), अपनी सहेली के साथ एक सामान्य सी दवाई लेने डॉक्टर के क्लीनिक पर गई थी. लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी जिंदगी की आखिरी दवा होगी, जो वो कभी खा नहीं पाएगी. वो डॉक्टर के सामने बैठी थी. जैसे ही डॉक्टर कुछ पूछने ही वाला था, तभी क्लीनिक का दरवाजा जोर से खुला और 20 साल का आर्यन नामक एक युवक अंदर दाखिल हुआ. उसके हाथ में तमंचा था और आंखों में जुनून. उसके चेहरे पर गुस्सा साफ देखा जा सकता था.
एक बाद एक चार फायर... और फिर खामोशी इससे पहले डॉक्टर कुछ समझ पाता, 20 साल के आर्यन ने नेहा पर बिना कुछ कहे एक बाद एक चार गोलियां फायर कर दीं. पहली गोली उसके कंधे में लगी, दूसरी पेट में, और बाकी दो सीने में. नेहा वहीं गिर पड़ी. उसकी सहेली चीखती रही, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया. नेहा के सीने में पीतल उतार कर आर्यन वहां से चुपचाप भाग निकला. क्लीनिक के फर्श पर खून बह रहा था. नेहा जमीन पर बेसुध पड़ी थी. डॉक्टर हैरान परेशान था. नेहा की सहेली रो रही थी.
डॉक्टरों ने की मौत की पुष्टि कुछ देर बाद क्लीनिक पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. किसी ने पुलिस को फोन किया. इसके बाद जहांगीरपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची. खून से लथपथ नेहा को बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. तब नेहा के घरवाले भी वहां पहुंच चुके थे. उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. मां बेसुध हो गई और पिता की आंखों में खून उतर आया. इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ने लगा.
आर्यन कौन था? क्यों किया कत्ल? पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की. पुलिस जांच में पता चला कि आर्यन, नेहा का पुराना परिचित था. दोनों कुछ समय पहले दोस्त बने थे. पर जैसे-जैसे नेहा ने उससे दूरी बनानी शुरू की, आर्यन का पागलपन बढ़ता गया. परिजनों का कहना था कि वो लड़की को लंबे समय से परेशान कर रहा था. उसे डराता था, उसका पीछा करता था और उसे धमकियां देता. नेहा ने कई बार उसे नजरअंदाज किया, लेकिन आर्यन ने ठान लिया था – या तो वो, या फिर मौत.

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