
सिद्धारमैया के शपथ ग्रहण में केजरीवाल और केसीआर को न्योता नहीं मिलने के मायने क्या? 7 Points में समझें
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कांग्रेस सिद्धारमैया के शपथ ग्रहण को भव्य बनाकर विपक्षी एकता का संकेत देना चाहती है. लेकिन ऐसे लोगों को नहीं बुलाना चाहती जो उसके समीकरणों में फिट न बैठते हों. माना जा रहा है कि इसी कारण से कांग्रेस ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर को समारोह का निमंत्रण नहीं भेजा गया है.
सिद्धारमैया 20 मई को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. दक्षिण का द्वार कहे जाने वाले कर्नाटक में कांग्रेस ने 135 सीटों के साथ प्रचंड जीत हासिल की है. 2023 में 5 राज्यों में विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव से पहले इस जीत को कांग्रेस के लिए संजीवनी के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसे में कांग्रेस ने इस शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए जोर-शोर से तैयारियां भी शुरू कर दी हैं. देशभर की तमाम पार्टियों के नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है. कांग्रेस केंद्र में रहकर इस समारोह का विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर प्रदर्शन करना चाहती है. कांग्रेस की ओर से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, तेलंगाना के सीएम केसीआर को इसका न्योता नहीं भेजा गया. माना जा रहा है कि कांग्रेस ने सियासी समीकरणों को देखते हुए इन दलों से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है.
कर्नाटक में कांग्रेस की इस जीत ने न सिर्फ बीजेपी को सत्ता से बेदखल किया है, बल्कि देशभर में अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जोश भरने का काम भी किया है. माना जा रहा है कि यह जीत 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं में ऊर्जा भरने का भी काम करेगी. कांग्रेस सिद्धारमैया के शपथ ग्रहण को भव्य बनाकर विपक्षी एकता का भी संकेत देना चाहती है.
कांग्रेस ने इन नेताओं को भेजा निमंत्रण
- बिहार के सीएम नीतीश कुमार - बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव - तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन - झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन - पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती - सीपीआई के महासचिव डी राजा - सीपीआई (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी - बंगाल की सीएम ममता बनर्जी - सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव - एनसीपी प्रमुख शरद पवार - महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे - अभिनेता और एमएनएम प्रमुख कमल हासन
कांग्रेस ने इन नेताओं को नहीं भेजा निमंत्रण
- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल - तेलंगाना के सीएम केसीआर - केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन - आंध्र प्रदेश के सीएम जगनमोहन रेड्डी - ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक

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