
साबरमती जेल में साजिश, मुस्लिम हॉस्टल में प्लानिंग, दिनदहाड़े शूटआउट... उमेश पाल मर्डर में ये है क्राइम सीक्वेंस
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उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने शूटरों की गाड़ी चलाने वाले आरोपी ड्राइवर को कल मार गिराया. साथ ही पूरी साजिश का भी खुलासा हुआ है. साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद के इशारे पर उमेश पाल हत्याकांड की पूरी साजिश रची गई. बरेली जेल में अतीक के भाई अशरफ से मुलाकात के बाद ही शूटरों का नाम और पूरी साजिश तय हुई थी.
उमेश पाल हत्याकांड के अपराधियों की लिस्ट तैयार है. यूपी पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी में कैद लगभग सभी चेहरों की उसने शिनाख्त कर ली है. इनमें से एक अतीक अहमद का बेटा असद बताया जा रहा है. दूसरा अतीक की पत्नी शाइस्ता का कभी ड्राइवर रहा साबिर है, जबकि तीसरा गुड्डू मुस्लिम है, जो बरसों से अतीक के लिए काम करता रहा.
पुलिस का कहना है कि इस बारे में शक की अब कोई गुंजाइश नहीं है कि उमेश पाल की हत्या के पीछे अतीक अहमद और उसके लोगों का ही हाथ है और ये हत्या इसलिए की गई क्योंकि उमेश पाल 2005 में हुए राजू पाल हत्याकांड का गवाह था. आजतक को इस रोंगेटे खडा कर देने वाले मर्डर केस की कई अहम डिटेल मिले हैं.
1220 किलोमीटर दूर से हत्या की साजिश
ये वो डिटेल हैं जिनसे पता चलता है कि अपराध की दुनिया में आज भी अतीक अहमद के हाथ कितने लंबे हैं. इस केस के तीन किरदार हैं. तीनों तीन लोकेशन से एक्टिव थे. उमेशपाल का मर्डर प्रयागराज में हुआ. इसकी साजिश अतीक अहमद ने रची. अतीक प्रयागराज से 1220 किलोमीटर दूर साबरमती जेल में है.
साजिश को अंजाम बरेली जेल में बंद अशरफ ने दिया जो कि अतीक का भाई है, प्रयागराज से बरेली की दूरी करीह 447 किलोमीटर है. अब आपको पूरी वारदात का सीक्वेंस बताते हैं और बताते हैं कि कैसे जेल से ही अतीक अहमद इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस को अंजाम देने में कामयाब रहा-
- इस केस का मास्टरमाइंड अतीक अहमद को माना जा रहा है. - मर्डर का प्लान उसका ही था. उसी ने अशरफ को जिम्मा सौंपा. - अशरफ बरेली जेल में बंद है. अतीक अहमद का भाई है. - अशरफ ने प्लान को अंजाम दिया. - अशरफ ही जेल में शूटरों से मिला. - शूटरों की टीम उसी ने तैयार की. - तीसरा किरदार है सदाकत. - सदाकत एलएलबी का स्टूडेंट है. इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुस्लिम हॉस्टल में रहता है. - सदाकत के कमरे में ही शूटरों की मीटिंग हुई. - प्लानिंग की एक-एक डिटेल यहीं तैयार हुई.

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