
साउथ कोरिया में राष्ट्रपति यून के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव फेल, सांसदों ने किया मतदान का बहिष्कार
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दक्षिण कोरियाई संसद में राष्ट्रपति यून के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव विफल हो गया है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया है.
दक्षिण कोरियाई संसद में राष्ट्रपति यून के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव विफल हो गया है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया है. दक्षिण कोरिया में शनिवार का दिन काफी नाटकीय और राजनीतिक रूप से उथल-पुथल भरा रहा. मार्शल लॉ की घोषणा के बाद राष्ट्रपति यून सुक योल पर महाभियोग चलाने के प्रस्ताव के लिए विपक्षी सांसदों को कुछ वोटों की कमी खली.
सत्तारूढ़ पीपुल्स पावर पार्टी (PPP) के सांसदों ने पार्टी के तीन सांसदों को छोड़कर मतदान का बहिष्कार किया. लिहाजा विधेयक को पारित करने के लिए जरूरी 200 सदस्यों (सदन के दो तिहाई) से कम मत मिले. इसका मतलब है कि राष्ट्रपति यून अभी पद पर बने रहेंगे, लेकिन राजनीतिक रूप से अनिश्चित स्थिति में रहेंगे, क्योंकि सियोल में हजारों लोग उनके इस्तीफे की मांग करने के लिए एकत्र हैं.
विपक्षी नेता ली जे-म्यांग ने कहा कि उनका मानना है कि वे निश्चित रूप से यूम सुक योल पर महाभियोग चलाएंगे. ली जे-म्यांग ने राष्ट्रपति यून को कोरिया के लिए सबसे बड़ा खतरा भी बताया.
अब महाभियोग प्रस्ताव विफल हो गया है, तो दोनों पार्टियों के लिए अगला कदम क्या होगा? ये बड़ा सवाल है. हालांकि मुख्य विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा कि वह अगले शनिवार से साप्ताहिक महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान करेगी. पार्टी को इस बात की भी उम्मीद है कि इस बीच प्रदर्शनकारियों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे सत्तारूढ़ पीपुल पावर पार्टी पर दबाव बढ़ेगा. साथ ही कहा कि उन्हें सदन में बहुमत साबित करने के लिए केवल आठ सांसदों की जरूरत है.
एजेंसी के मुताबिक पीपीपी की योजना अभी तक क्लियर नहीं है, लेकिन वह मार्शल लॉ के मुद्दे को छोड़ना चाहती है. महाभियोग मतदान से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति यून ने पीछे हटने की पेशकश की, ताकि उनकी पार्टी देश को चला सके, लेकिन इससे विपक्ष को संतुष्टि नहीं मिली.
बीबीसी के मुताबिक देश के सबसे बड़े रूढ़िवादी अखबारों ने राष्ट्रपति से विपक्ष के साथ गठबंधन सरकार बनाने या उनके पांच साल के कार्यकाल को छोटा करने के लिए संवैधानिक सुधार की पेशकश करने का आग्रह किया. हाल ही में दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ लगाया गया था. राष्ट्रपति यून सुक-योल ने मार्शल लॉ लगाने की अपनी कोशिश के लिए सार्वजनकि रूप से माफी भी मांगी थी. उन्होंने राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित अपने भाषण में झुक कर अपनी गलती स्वीकार की थी.

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