
सर्जिकल स्ट्राइक की तरह सीक्रेट प्लानिंग, शाह-डोभाल की मॉनिटरिंग... 15 राज्यों में यूं हुआ PFI पर एक्शन
AajTak
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ गुरुवार को 15 राज्यों में NIA की छापेमारी हुई. इसमें करीब 150 ठिकानों पर छापे मारे गए, जिसमें 106 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं. इस ऑपरेशन की प्लानिंग से लेकर इसको अंजाम तक पहुंचाने का काम गृह मंत्री अमित शाह और NSA अजित डोभाल की निगरानी में हुआ है.
सितंबर का महीना, दो तारीख. पीएम मोदी INS विक्रांत भारतीय नेवी को सौंपने के लिए केरल के कोच्चि पहुंचे थे. पीएम की सुरक्षा के लिए NSA अजित डोभाल भी वहां थे. डोभाल का ध्यान यहां पीएम मोदी की सुरक्षा पर तो था ही. लेकिन इस दौरान उनकी टीम एक दूसरे अहम काम में भी जुटी थी. यह काम था पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पूरे नेटवर्क को केरल से उखाड़ फेंकने का.
इसके लिए सबसे पहले NSA डोभाल ने केरल में पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग की. यहां डोभाल ने पुलिस को अपने एक्शन प्लान की जानकारी दी. फिर केरल से डोभाल मुंबई पहुंचे. यहां लाइमलाइट से दूर रहते हुए डोभाल ने राज्यपाल भवन में सुरक्षा अधिकारियों से मीटिंग की. इस पूरे मिशन को सर्जिकल स्ट्राइक के ऑपरेशन और जम्मू कश्मीर से 370 हटने वाले फैसले की तरह गुप्त रखा गया था. इसके लिए तीन-चार महीने पहले ही प्रमुख इस्लामिक नेताओं से भी मुलाकातें हुई थीं.
150 से ज्यादा ठिकानों पर पड़े छापे
फिर आया एक्शन का दिन. यानी 22 नवंबर 2022. NIA के करीब 200 अफसरों ने पीएफआई से जुड़े ठिकानों पर छापे मारे. इसमें सौ से ज्यादा टेरर फंडिग के आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. बेहद सीक्रेट तरीके से प्लान किए गए इस ऑपरेशन में एकसाथ 15 राज्यों में करीब 150 ठिकाने पर छापे मारे गए. इसमें केरल से लेकर दिल्ली, यूपी तक एक्शन हुआ. इसमें PFI का राष्ट्रीय अध्यक्ष ओ एम ए सलाम केरल से गिरफ्तार किया गया. वहीं दिल्ली PFI प्रमुख परवेज अहमद को भी अरेस्ट किया गया.
यह ऑपरेशन देर रात 1 बजे शुरू हुआ था. ऑपरेशन में 4 आईजी, 1 ADG और 16 SP रैंक के अफसर शामिल थे. पूरी छापेमारी में 150 मोबाइल और 50 लैपटॉप की छानबीन भी हुई है. दिल्ली में गिरफ्तार PFI नेता और कार्यकर्ताओं की पेशी भी हुई. पटियाला हाउस कोर्ट ने इनको 26 सितंबर तक कस्टडी में भेज दिया है.
जानकारी के मुताबिक, पूरा ऑपरेशन गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की देखरेख में हुआ और उन्होंने ही इस पूरे ऑपरेशन की प्लानिंग की थी. अमित शाह के कहने पर ही पूरे प्लान को टॉप सीक्रेट रखा गया. इसी के साथ एजेंसियों के अधिकारियों के एयरक्राफ्ट को भी हर राज्य में बिल्कुल तैयार रखा गया था. ताकि PFI से जुड़े इन लोगों को एयरक्राफ्ट में बैठाकर जल्दी से अलग-अलग लोकेशन पर लाया जा सके. जहां इनसे पूछताछ और इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके.

पाकिस्तान के अंदर फिर से एक और कसाब फैक्ट्री तैयार की जा रही है. वो फिर से भारत के खिलाफ 26/11 मुंबई हमलों जैसी प्लानिंग कर रहे हैं. पाकिस्तान में हाफिज़ सईद का आतंकी संगठन लश्कर-ए- तैयबा एक वाटर फोर्स बना रहा है. आज भारत के खिलाफ आतंक के लश्कर की साज़िश के वीडियो दिखाएंगे, तो ये भी दिखाएंगे, कि भारतीय सेना भी तैयार है. देखें 10 तक.

भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नवीन को अपना 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पार्टी की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी. नितिन नवीन, जो 1980 में जन्मे, अब पार्टी के नए नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं. बीजेपी आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, जिसके 14 करोड़ कार्यकर्ता हैं, जो अन्य बड़ी पार्टियों से कहीं अधिक हैं.

नोएडा इंजीनियर मौत मामले में एसआईटी कह रही है कि जल्द सबसे सवाल-जवाब करके निष्पक्ष जांच रिपोर्ट दे दी जाएगी. लेकिन एक सवाल चश्मदीद की तरफ से उठ रहा है. वो चश्मदीद जो लगातार मीडिया को पहले बताते रहे कि पुलिस, दमकल, SDRF की टीम दो घंटे तक बचाने के लिए नहीं उतरी थी. लेकिन बाद में वो कुछ और बयान देते पाए गए. जानकारी मिली कि पुलिस ने उन्हें पांच घंटे तक बैठाकर रखा था. तो क्या ये दबाव बनाने की कोशिश थी? देखें खबरदार.

गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर गांव में 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी 11 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही भरभराकर गिर गई. 19 जनवरी को टेस्टिंग के दौरान 9 लाख लीटर पानी भरते ही टंकी गिर गई, जिसमें एक महिला समेत तीन मजदूर घायल हुए. मलबे से घटिया निर्माण सामग्री के संकेत मिले हैं. ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की जंग तेज हो गई है. कल्याण-डोंबिवली में बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी है. आरोप है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट (UBT) के चार पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए तोड़-फोड़ की है.








