
सरकार बनते ही तालिबान में आई 'दरार', कतर के साथ अहम बैठक में नहीं दिखे ये मंत्री
Zee News
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद कतर के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी अफगानिस्तान के दौरे पर पहुंचे. उन्होंने अफगानिस्तानी नेताओं से मुलाकात की लेकिन इस मुलाकात में तालीबानी सरकार के कुछ असंतुष्ट नेता नजर नहीं आए.
नई दिल्ली: तालिबान की नई सरकार के एलान को अभी बहुत दिन नहीं बीते हैं लेकिन आशंकाओं के मुताबिक तालिबान की सरकार में दरार नजर आनी शुरू हो गई है. कतर के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के काबुल दौरे के बीच उप प्रधानमंत्री मुल्ला बरादर और उप विदेश मंत्री शेर मोहम्मद अब्बास के गायब रहने से सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या अपना कद घटाए जाने और हक्कानी नेटवर्क का कद बढ़ाए जाने से तालिबान के प्रभावशाली नेता नाराज चल रहे हैं? तालिबान सरकार में इसे सत्ता संघर्ष की शुरूआत भी माना जा रहा है. अफगानिस्तान की चुनी हुई सरकार को हटाकर तालिबान ने अफगानिस्तान में अपनी सरकार बना ली. ताकत के हिसाब से तालिबान के आतंकवादियों को सत्ता में भागीदारी भी मिल गई. अब तालिबान की आतंकी कैबिनेट उन देशों से चर्चा कर रही है, जिनसे उसे मदद की उम्मीद है. खुंखार आतंकवादी अब सफेदपोश होकर दुनिया के नेताओं के साथ चर्चा कर रहे हैं. मोस्ट वांटेड और इनामी आतंकी देश के निर्माण की बात कर रहे हैं. लेकिन इस चर्चा में तालिबान के कुछ ऐसे चेहरों की गैर मौजूदगी सवाल खड़ा कर रही है. जिन्हें तालिबान राज आने के बाद सबसे ताकतवर कुर्सी का हकदार माना जा रहा था.
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