
सरकार को ₹48000Cr का नुकसान, लेकिन GST कट आपको कैसे बना सकता है अमीर, एक्सपर्ट ने समझाया
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जीएसटी में सुधार से सरकार को राजस्व में 48000 करोड़ का नुकसान तो होगा, लेकिन आम लोगों के लिए खुशबबरी है, क्योंकि बहुत से प्रोडक्ट्स के रेट में कटौती हो रही है.
GST में सुधार से सरकार को टैक्स रेवेन्यू में 48,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने वाला है, लेकिन यह भारत के मिडिल क्लास के लिए सबसे अच्छी खबर हो सकती है. जीएसटी सुधार से आम आदमी के लिए बहुत से सामानों की कीमत घटने वाली हैं. फाइनेंस सेक्टर के एंफ्लुएंसर शरण हेगड़े के अनुसार, 22 सितंबर से शुरू होने वाली नई जीएसटी व्यवस्था राजस्व के बारे में नहीं है, यह खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने के बारे में है.
GST 2.0 में लोगों के लिए व्यवस्था को आसान बनाया गया है, जिसमें 5%, 12%, 18%, 28% स्लैब को घटाकर दो स्टैंडर्ड 5% और 18% स्लैब कर दिया गया है. वहीं लग्जरी और सिन प्रोडक्ट्स के लिए 40 फीसदी का रेट कर दिया गया है. 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से यह सबसे बड़ा स्ट्रक्चरल चेंज है.
PWC के पूर्व सलाहकार, हेगड़े ने लिंक्डइन पर लिखा कि नई व्यवस्था छोटे व्यवसायों पर बोझ कम करती है और औसत भारतीय के लिए रोजमर्रा की लागत कम कर सकती है, जिससे आप पैसे बचाकर अपने सपने को पूरा कर सकते हैं और आप अमीर बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि जब मैं पीडब्ल्यूसी में था, तब मैंने देखा था कि जटिल जीएसटी अनुपालन ने छोटे व्यवसायों को कैसे बर्बाद कर दिया.
जीएसटी सुधार का तुरंत लाभ उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधार से भी महत्वपूर्ण बात यह है कि उपभोक्ताओं को इसका असर लगभग तुरंत महसूस होने लगेगा. हेगड़े ने कहा कि आप कल्पना कीजिए आपके एसी का बिल 10% कम हो जाता है. आपकी कार की ईएमआई का कैलकुलेशन बदल जाता है. आपका बीमा सस्ता हो जाता है.
₹2 लाख करोड़ तक खर्च में बढ़ोतरी उन्होंने कहा कि अनुमानित ₹48,000 करोड़ के टैक्स घाटे को प्रोत्साहन के रूप में पेश किया जा रहा है, न कि टैक्स में कमी के रूप में. हेगड़े का तर्क है कि यह उपभोक्ताओं के पास वापस लौट रहा पैसा है, जिससे संभावित रूप से ₹2 लाख करोड़ तक के खर्च में वृद्धि हो सकती है. उन्होंने लिखा, 'ज्यादा पैसा → ज्यादा खर्च → ज्यादा आर्थिक गतिविधि → ज्यादा टैक्स कलेक्शन.'
ज्यादा पैसे की होगी बचत एक्सपर्ट ने कहा कि सरकार सिंगापुर और न्यूजीलैंड जैसी अर्थव्यवस्थाओं में देखे गए फॉर्मूले कम दरें, आसान नियम, ज्यादा खपत पर दांव लगा रही है. हेगड़े का कहना है कि असली फायदा तत्काल राजस्व नहीं, बल्कि आर्थिक गति है. अगर आप एसी या कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो 22 सितंबर तक इंतज़ार करें. अगर आप ज्यादा बीमा प्रीमियम दे रहे हैं, तो राहत के लिए तैयार हो जाइए. उन्होंने कहा कि टैक्स सुधार से अधिक पैसा अब आप बचा सकते हैं.

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