
सरकारी स्कूल में पढ़े, 6 साल तक कैंसर से जंग... अब क्रैक किया UPSC एग्जाम, इमोशनल कर देगी छत्तीसगढ़ के संजय की कहानी
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UPSC CSE 2025 परीक्षा का परिणाम घोषित हो चुका है. इसके बाद से कई सक्सेस स्टोरी सामने आ रही है. लेकिन छत्तीसगढ़ के रहने वाले संजय दहरिया की कहानी आपको इमोशनल कर देगी.
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC CSE 2025) परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद कई प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरी सामने आ रही है. इन्हीं में से एक कहानी छत्तीसगढ़ के संजय दहरिया की है, जिनका संघर्ष और मेहनत दिल को छू लेने वाला है. कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने सपने को सच कर दिखाया. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के संजय दहरिया ने छह साल तक कैंसर से जूझने और तीन नौकरियां छोड़ने के बाद, अपने तीसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 946वीं रैंक हासिल की है.
उनका जन्म एक किसान परिवार में हुआ था. उनकी इस सफलता से परिवार और गांव दोनों में खुशी की लहर है.
कहां से की पढ़ाई
बता दें कि दहरिया ने अपनी पढ़ाई एक स्थानीय सरकारी विद्यालय से की. दहरिया के लिए सिविल सेवाओं का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था. पश्चिम बंगाल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 2009 से 2011 तक काम करने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. हालांकि, 2012 में उन्हें कैंसर का पता चला. इतने गंभीर बीमारी के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. इसके लिए उनका करीब 6 साल तक इलाज चला.
हासिल किया 946वां रैंक
बीमारी के कारण उनकी आंखों पर भी असर पड़ा. आंखों में परेशानी होने के बाद भी दहरिया ने हार नहीं मानी और सिविल सेवाओं में अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए रायपुर के एक बैंक और महासमुंद डाकघर में काम करते हुए अपने करियर को आगे बढ़ाया. उन्होंने 2022 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में भाग लिया और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर 2025 में तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की है.

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