
समझौते से इनकार पर दादा-चाचा को मारी गोली, रेप पीड़िता के घर दबंग आरोपी ने यूं किया तांडव
AajTak
मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक खौफनाक वारदात सामने आई है. यहां बलात्कार के एक आरोपी ने पीड़िता के घर में घुसकर जमकर तांडव किया. उसने 17 वर्षीय पीड़िता, उसके दादा और चाचा को गोली मार दी. इसमें दादा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीड़िता और उसके चाचा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक खौफनाक वारदात सामने आई है. यहां बलात्कार के एक आरोपी ने पीड़िता के घर में घुसकर जमकर तांडव किया. उसने 17 वर्षीय पीड़िता, उसके दादा और चाचा को गोली मार दी. इसमें दादा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीड़िता और उसके चाचा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है. इस मामले की जांच जारी है.
पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि ये घटना सोमवार की सुबह छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहरा गांव में हुई है. आरोपी का नाम भोला अहिरवार (24) है. पीड़िता ने दो महीने पहले उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था. उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया था. आरोपी इसी मामले में समझौते का दबाव बना रहा था.
पीड़ित लड़की ने बताया कि आरोपी भोला अहिरवार सोमवार की सुबह उसके घर में घुस आया. उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाने लगा. इनकार करने पर उसने पीड़िता, उसके दादा और चाचा को गोली मार दी. इसके बाद हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गया. इस गोलाबारी में 60 वर्षीय दादा की मौत हो गई, जबकि 32 वर्षीय चाचा और पीड़िता घायल हो गए हैं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
सिविल लाइन थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे ने बताया कि नाबालिग लड़की की शिकायत के आधार पर भोला अहिरवार के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था. प्रथम दृष्टया पता चला है कि आरोपी पहले दर्ज (बलात्कार) मामले के संबंध में समझौता करना चाहता था. उसके खिलाफ दूसरे मामले में भी केस दर्ज कर लिया गया है. फिलहाल फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई गई हैं.
बताते चलें कि जनवरी में छतरपुर जिले के एक गांव में सात वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार की वारदात सामने आई थी. यहां के एक गांव में अपने रिश्तेदार के वहां शादी में शामिल होने आए एक शख्स ने पहले मासूम बच्ची को अगवा किया. फिर उसे गांव के पास के खेत में ले गया. वहां उसने मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया. इस दौरान पीड़िता दर्द की वजह से चीखती रही.
पीड़िता की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि वो खून से लथपथ डरी और सहमी है. वारदात को अंजाम देने के आरोपी फरार हो गया था. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अमन मिश्रा के मुताबिक, छतरपुर जिले के सटई पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव में एक बच्ची के लापता होने की सूचना मिली थी. परिजनों ने जब उसकी खोजबीन की तो वो खेत में बदहवास हालत में मिली.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









