
सनी देओल, शत्रुघ्न सिन्हा... सिल्वर स्क्रीन पर दहाड़ लेकिन संसद में खामोश! 5 साल में कुछ नहीं बोले ये 9 MP
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लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने उन सभी सदस्यों से, जिन्हें संसद में बोलने का अवसर नहीं मिला था, इस विषय पर बात करने के लिए संपर्क किया. लोकसभा स्पीकर ने इस सांसदों को शून्य काल (Zero Hour) के समय भी अपनी बात सदन में कहने का मौका दिया लेकिन यह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका.
फिल्मी पर्दे पर अपने दमदार डायलॉग डिलीवरी के लिए मशहूर सुपर स्टार सनी देओल और शत्रुघन सिन्हा ने खत्म हो रही 17वीं लोकसभा में एक शब्द तक नहीं बोला. 543 मेंबर वाली वर्तमान लोकसभा में कुल नौ सांसद ऐसे रहे जिन्होंने एक भी बार सदन में अपनी बात नहीं रखी. इनमें से 6 सांसद भाजपा के हैं और चार तो कर्नाटक से चुनकर आए हुए हैं.
स्पीकर ने किया संपर्क लेकिन नहीं निकला कोई नतीजा
लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने उन सभी सदस्यों से, जिन्हें संसद में बोलने का अवसर नहीं मिला था, इस विषय पर बात करने के लिए संपर्क किया. उन्हें अपने पास बुलाकर अपनी बात रखने के लिए विशेष अवसर तक दिया ताकि वो किसी भी राष्ट्रीय महत्व के गंभीर मुद्दे पर सदन में अपना पक्ष रख सके. द हिन्दू में छपी रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ संसदीय अधिकारी ने बताया कि लोकसभा स्पीकर ने इस सांसदों को शून्य काल (Zero Hour) के समय भी अपनी बात सदन में कहने का मौका दिया लेकिन यह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका. स्पीकर ओम बिरला ने तो सनी देओल से कम से कम दो बार संपर्क किया था.
आपको बता दें कि भाजपा नेता और फिल्म स्टार सनी देयोल पंजाब के गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं, शत्रुघन सिन्हा को ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने 2022 में पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट पर हुए उपचुनाव में टिकट देकर लोकसभा भेजा था. इससे पहले वो भाजपा में थे. यह सीट गायक बाबुल सुप्रियो की थी जो की भाजपा के टिकट पर इस सीट से जीते थे, जिनके तृणमूल कांग्रेस में चले जाने के बाद ये खाली हुई थी.
इस लिस्ट में अगर अन्य संसद सदस्यों की बात करें तो अगला नाम भी पश्चिम बंगाल के तमलुक लोकसभा क्षेत्र के दिब्येंदु अधिकारी का है, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के छोटे भाई हैं. राज्य में हुए पिछले विधानसभा चुनाव से पहले अधिकारी तृणमूल छोड़कर भाजपा में चले गए थे. सुवेंदु अधिकारी ने तो तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़कर उन्हें हरा दिया था.
लिस्ट में कर्नाटक के चार सांसदों का नाम

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