
सजा को चुनौती या सरेंडर का चलेंगे दांव? 5 points में समझें राहुल-कांग्रेस की स्ट्रैटजी
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सूरत कोर्ट की सजा के खिलाफ अपील करने में कांग्रेस ने कोई जल्दबाजी नहीं की. राहुल 11 दिन बाद इस सजा के खिलाफ अपील करने के लिए सूरत जा रहे हैं. माना जा रहा है कि राहुल अदालत से कनविक्शन को रद्द करने की गुहार लगाएंगे. साथ ही रेगुलर बेल की भी मांग करेंगे. राहुल की सूरत रवानगी से पहले सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनसे मुलाकात की है. साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर चुके हैं.
मोदी सरनेम केस में लोकसभा की सदस्यता गंवा चुके राहुल गांधी आज इस फैसले को चुनौती देने के लिए सूरत जा रहे हैं. वे कोर्ट में बेल की अर्जी भी दाखिल करेंगे. राहुल गांधी की ओर से आज सूरत कोर्ट में दो याचिका फाइल की जाएगी. जिस में एक लोअर कोर्ट के फ़ैसले को चैलेंज किया जाएगा और कोर्ट के फैसले को रद्द करने के लिए याचिका होगी. दूसरा रेग्युलर ज़मानत याचिका दाखिल की जाएगी. रेग्युलर बेल पर कोर्ट में सुनवाई होगी.
ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि राहुल गांधी सूरत कोर्ट में सजा को मानते हुए सरेंडर कर सकते हैं. सवाल यह है कि क्या ऐसी स्थिति में राहुल गांधी जेल जाएंगे. कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में न्यायपालिका पर दबाव बना रही है. राहुल के सूरत रवाना होने से पहले सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने उनसे मुलाकात भी की.
राहुल की सूरत यात्रा का महत्व इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके साथ 3 राज्यों के सीएम भी सूरत जा रहे हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हुए हैं और देशभर में प्रोटेस्ट कर रहे हैं. विपक्ष संसद में इस मुद्दे को उठा रहा है. आखिर इस पूरे मामले में कांग्रेस की रणनीति क्या है? किस तरफ जाता दिख रहा है ये पूरा मामला? दरअसल कांग्रेस की कोशिश है कि इस पूरे मुद्दे को पॉलिटिकल शो और राजनीतिक ताकत के रूप में पेश किया जाए.
मोदी सरनेम मानहानि केस में 2 साल की सजा मिलने के बाद लोकसभा सचिवालय ने एक अधिसूचना जारी कर बताया था कि केरल की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद राहुल गांधी को सजा सुनाए जाने के दिन यानी 23 मार्च, 2023 से अयोग्य करार दिया जाता है.
कैसे वापस मिलेगी राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता?
राहुल इसी सजा को चुनौती देने जा रहे हैं? सवाल है कि क्या राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता फिर से बहाल होगी? इस सवाल के जवाब में वरिष्ठ वकील और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह कहते हैं कि राहुल गांधी को अदालत का रुख करना होगा और सजा को सस्पेंड करने और दोषसिद्धि (conviction) पर रोक लगाने की गुहार करनी होगी, अगर ऊपरी अदालत से उनके पक्ष में फैसला आता है तभी वे अपनी लोकसभी की सदस्यता की बहाली की उम्मीद कर सकते हैं.

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