
संविधान में 'सेक्युलर' शब्द पर महाबहस, लोकतंत्र और भारत की पहचान पर सवाल
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संविधान से 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द हटाने को लेकर बहस छिड़ गई है. मौजूदा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 'धर्मनिरपेक्ष हमारी संस्कृति का मूल नहीं है और इसलिए इस पर जरूर विचार होना चाहिए कि आपातकाल में जिस धर्मनिरपेक्ष शब्द को जोड़ा गया उसको हटाया जाए.' इस बहस में 'पंथ निरपेक्षता' और 'सर्वधर्म समभाव' जैसे शब्दों पर भी चर्चा हुई. संविधान में 'सेक्युलर' शब्द को लेकर एक बड़ी बहस हुई.

संघ के 100 साल: 'ये दरवाजे कब तक बंद रहेंगे...', देवरस ने एक सवाल से खड़ा कर दिया रामजन्मभूमि आंदोलन
प्रयागराज में एक मीटिंग हुई. इस मीटिंग में बालासाहब देवरस ने अयोध्या का जिक्र करते हुए कहा कि ये दरवाजे कब तक बंद रहेंगे. देवरस का ये बयान इस बात का संकेत था कि वे क्या चाहते हैं. यही वो सवाल था जिसने वीएचपी की ओर राम मंदिर आंदोलन की नींव रख दी. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

भारत और चीन के बीच जारी कूटनीतिक कोशिशों के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मुख्यालय का दौरा किया. इस दौरान दोनों देशों के सत्ताधारी दलों के बीच संचार और आपसी सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से बातचीत हुई.

दिल्ली के बारापुला फ्लाईओवर पर भीषण हादसे में एक युवक की मौत हो गई. एक महिंद्रा स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई. कार में 5 से 6 लोग सवार थे, जिनमें से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई जबकि बाकी लोग गंभीर रूप से घायल हैं. कार की हालत को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भीषण रहा होगा. स्कॉर्पियो पूरी तरह से कबाड़ के ढेर में तब्दील हो गयी है.

Happy Lohri 2026 Wishes in Hindi: मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले लोहड़ी का त्योहार मनाया जा रहा है. लोहड़ी का त्योहार सुख-समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लोग अग्नि के चारों ओर घेरा बनाकर परिक्रमा करते हैं. अग्नि में तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली डाली जाती हैं. इस अवसर पर आप अपने दोस्तों-रिश्तेदारों और प्रियजनों को सोशल मीडिया के माध्यम से खास मैसेज भेजकर लोहड़ी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

ईरान में इस वक्त 47 सालों में सबसे बड़ा आंदोलन चल रहा है. जनता महंगाई, बेरोजगारी और कट्टरपंथी नियमों से नाराज है. सरकार की सख्ती और सुरक्षाबलों की कार्रवाई ने हालात को और बिगाड़ दिया है. ईरान के लोग लंबे समय से इस्लामिक व्यवस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर लगे प्रतिबंधों से असंतुष्ट हैं. दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान की दुश्मनी का इतिहास पुराना है. 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से दोनों देशों के रिश्ते बिगड़े. ईरान के परमाणु कार्यक्रम, इजरायल विरोधी रुख और पश्चिम एशिया में उसकी नीतियों ने अमेरिका से टकराव को और गहरा किया. आज हालात ऐसे हैं कि ईरान के भीतर आंदोलन और बाहर अमेरिका से दुश्मनी, दोनों मिलकर देश को संकट में डाल रहे हैं.

देश के तमाम राज्यों में यात्रियों की जिंदगी से खुल्लम-खुल्ला खिलवाड़ हो रहा है. पूरा खेल परमिट की आड़ में चल रहा है. यात्रियों से पूरा पैसा वसूला जाता है लेकिन सुरक्षा की गारंटी के नाम पर आंखों में धूल झोंकने का खेल चल रहा है. बस ऑपरेटर सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं. आजतक के स्टिंग में देखें सड़कों पर दौड़ रहीं स्लीपर बसों का डरावना सच.







