
शिवसेना सांसद संदीपन भुमरे के ड्राइवर को गिफ्ट में मिली ₹150 करोड़ की जमीन, EOW ने शुरू की जांच
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यह जांच परभणी के अधिवक्ता मुजाहिद खान द्वारा दायर की गई शिकायत पर शुरू की गई है, जिन्होंने अपनी शिकायत में सवाल उठाया है कि जावेद रसूल और सालार जंग के परिवार के सदस्यों, मीर महमूद अली मजहर अली खान और पांच अन्य हैं, के बीच 'हिबानामा' कैसे हो सकता है, क्योंकि उनके बीच ब्लड रिलेशन नहीं है.
महाराष्ट्र में छत्रपति संभाजी नगर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) एक संदिग्ध बेनामी भूमि सौदे की जांच कर रही है, जिसमें स्थानीय विधायक और सांसद के लिए ड्राइवर के रूप में काम करने वाले व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध है. ईडब्ल्यूओ के मुताबिक मामले में हैदराबाद के तत्कालीन निजाम के दीवान के परिवारिक सदस्यों द्वारा लगभग 150 करोड़ रुपये की 3 एकड़ भूमि सांसद और विधायक के ड्राइवर को उपहार में दी गई है. छत्रपति संभाजी नगर ईओडब्ल्यू ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और संबंधित व्यक्तियों को समन जारी किया है. जिस भूमि को लेकर ईडब्ल्यूओ ने जांच शुरू की है, वह जिले में जालना रोड पर दाऊदपुरा में स्थित है.
भू-खंड पर पर लगे बोर्ड के अनुसार यह जमीन जावेद रसूल शेख की है, जो शिवसेना (शिंदे गुट) सांसद संदीपन भुमरे और उनके बेटे पैठण विधायक विलास भुमरे के लिए ड्राइवर का काम करता है. शेख पिछले 13 वर्षों से भुमरे परिवार के लिए ड्राइवर के रूप में काम कर रहा है और जो जमीन अब उसकी है, उसे सालार जंग परिवार के सदस्यों ने गिफ्ट डीड या 'हिबानामा' के माध्यम से उसे हस्तांतरित किया है. सालार जंग हैदराबाद के निजाम के दीवान थे और जंग परिवार के अन्य सदस्य भी तत्कालीन शाही रियासत में दीवान या प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करते थे.
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यह जांच परभणी के अधिवक्ता मुजाहिद खान द्वारा दायर की गई शिकायत पर शुरू की गई है, जिन्होंने अपनी शिकायत में सवाल उठाया है कि जावेद रसूल और सालार जंग के परिवार के सदस्यों, मीर महमूद अली मजहर अली खान और पांच अन्य हैं, के बीच 'हिबानामा' कैसे हो सकता है, क्योंकि उनके बीच ब्लड रिलेशन नहीं है. ड्राइवर शेख ने कथित तौर पर पुलिस को बताया है कि वह सालार जंग के परिवार के सदस्यों को करीब से जानता था, इसलिए उन्होंने उसे हिबानामा के जरिए जमीन का टुकड़ा उपहार में दिया था.
सालार जंग परिवार के वंशज मीर महमूद अली मजहर अली खान और उनके परिवार के सदस्यों ने जमीन के लिए अदालतों में वर्षों तक मुकदमा लड़ा और अंततः 2022 में कानूनी लड़ाई उनके पक्ष में समाप्त हुई. एडवोकेट मुजाहिद खान ने अपनी शिकायत में यह भी सवाल उठाया कि जमीन के लिए इतनी लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सालार जंग का परिवार शेख को जमीन उपहार के रूप में क्यों देगा? संपर्क करने पर छत्रपति संभाजी नगर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि शिकायत की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और उन्होंने शेख को जमीन उपहार में देने वाले परिवार के सदस्यों मीर महमूद अली मीर मजहर अली खान को सम्मन जारी किया है.
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