
शिवराज सरकार का एक साल: सुशासन, स्थायित्व, हिंदुत्व.. जानें- किस मंत्र पर कर रहे काम
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मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान का मुख्यमंत्री के तौर पर यह चौथा कार्यकाल है, लेकिन इस बार की सियासी स्थिति पिछली तीन पारियों जैसी नहीं थी. यह एक कांटों भरा ताज जैसा था. इसके बावजूद शिवराज सिंह ने एक तरफ इसे टेंपरेरी से परमानेंट सरकार में तब्दील किया तो दूसरी तरफ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के साथ-साथ बीजेपी नेताओं के साथ बैलेंस बनाए रखा.
मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की सत्ता से विदाई के बाद शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में बनी बीजेपी सरकार ने एक साल का सफर तय कर लिया है. शिवराज सिंह चौहान का मुख्यमंत्री के तौर पर यह चौथा कार्यकाल है, लेकिन इस बार की सियासी स्थिति पिछली तीन पारियों जैसी नहीं थी. यह एक कांटों भरा ताज जैसा था. इसके बावजूद शिवराज सिंह ने एक तरफ अपनी टेंपरेरी सरकार को परमानेंट सरकार में तब्दील किया तो दूसरी तरफ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के साथ-साथ बीजेपी नेताओं के साथ बैलेंस बनाए रखा. हालांकि, इस बार शिवराज अपनी छवि से इतर हिंदुत्व की राह पर चलते नजर आए, लेकिन साथ ही उन्होंने किसानों से लेकर युवा और आदिवासी समुदाय को पूरी तरह से साधकर रखा. शिवराज सरकार की सरकार का एक साल का कार्यकाल मंगलवार को पूरा हो रहा है, लेकिन बीजेपी ने सोमवार से ही जश्न की तैयारी शुरू कर दी है. शिवराज सरकार के एक साल की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने के लिए बीजेपी 4 दिन का अभियान शुरू कर रही है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने विकास कार्यों के लिए शिवराज सरकार को 10 में से 10 अंक दिए. उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना महामारी रोकने में सफलता पाई. प्रदेश गेहूं उपार्जन में पहले, स्व-सहायता समूहों को कर्ज देने में दूसरे, जल जीवन मिशन के कार्यों में तीसरे, आत्मनिर्भर प्रदेश के मामले में दूसरे, फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों को कर्ज देने के मामले में पहले, आयुष्मान कार्ड बनाने में देश में पहले स्थान पर रहा. ऐसे ही कोरोना वॉरियर्स का टीकाकरण 86 फीसद हुआ, जो कि देश में सबसे ज्यादा है.
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