
शशि थरूर को अब परवाह नहीं, ये कांग्रेस को तय करना है कि क्या फैसला लिया जाए
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शशि थरूर अपना काम कर रहे हैं, अपने तरीके से और गेंद कांग्रेस के पाले में डाल दिया है. मल्लिकार्जुन खड़गे के राजनीतिक बयान पर शशि थरूर की साहित्यिक प्रतिक्रिया आई है, दार्शनिक भाव के साथ वो राजनीतिक रूप से भी दुरुस्त है.
शशि थरूर ने जो कहा था, वही कर रहे हैं. वो फिर से विदेश दौरे पर हैं. फिलहाल मास्को में हैं. और, इस बार किसी ने भेजा नहीं है. न्योता मिला है. ये दौरा निजी है या सरकारी, महत्वपूर्ण नहीं है. महत्वपूर्ण ये है कि वो वहां पहुंचकर क्या कर रहे हैं.
बताने वाली बात ये है कि पाकिस्तान का ही पर्दाफाश कर रहे हैं. लेकिन, हिंदी या अंग्रेजी में नहीं बल्कि फ्रेंच भाषा में. थरूर ने रूसी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष लियोनिद स्लटस्की के साथ मॉस्को में हुई एक मीटिंग में पाकिस्तान को लेकर कही. रूस में अगले साल आतंकवाद पर एक सम्मेलन करने वाला है, जिसमें भारत और पाकिस्तान सहित कई देशों को बुलाया गया है. शशि थरूर ने ऐसे सम्मेलन में पाकिस्तान को शामिल किये जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है.
मास्को में शशि थरूर की रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात हुई है. विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति के प्रमुख शशि थरूर ने रूसी संघ परिषद की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के फर्स्ट चेयर आंद्रेई डेनिसोव से भी मुलाकात की है, जो संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत रह चुके हैं.
मल्लिकार्जुन खड़गे को शशि थरूर का जवाब
ध्यान देने वाली बात ये है कि शशि थरूर इस बार निजी दौरे पर रूस गये हैं. लेकिन, विदेश दौरे के लिए बने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल वाली मुहिम वो अब भी जारी रखे हैं. पाकिस्तान को आतंकवाद पर सम्मेलन में शामिल किये जाने पर उनकी आपत्ति तो यही बताती है.
कांग्रेस के साथ उनका तनावपूर्ण रिश्ता वैसे ही बना हुआ है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ ताजा तकरार भी वैसा ही नमूना है. नीलांबुर उपचुनाव को लेकर शशि थरूर और कांग्रेस की नोक-झोंक देखी जा चुकी है, केरल विधानसभा चुनाव तक तस्वीर और भी साफ हो जाएगी.

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