
DRI Action: चिकन फीड में छिपी 270 किलो मेफेड्रोन जब्त, 81 करोड़ की ड्रग्स के साथ 6 गिरफ्तार, जानें पूरी कहानी
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DRI ने एक मल्टी-स्टेट ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. साथ ही चिकन फीड में छिपाई गई 270 किलो मेफेड्रोन नामक ड्रग्स जब्त की गई है. जिसकी कीमत 81 करोड़ के आस-पास बताई जा रही है. नशे की इस खेप के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. पढ़ें पूरी कहानी.
270 kg Mephedrone Seizure: डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने देश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है. एजेंसी ने मल्टी-स्टेट ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. 11 और 12 जनवरी 2026 को चली इस सुनियोजित कार्रवाई में 270 किलो मेफेड्रोन जब्त की गई है. यह एक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में भारी मांग है. जब्त की गई ड्रग्स की कीमत अवैध बाजार में करीब 81 करोड़ रुपये आंकी गई है. कई राज्यों में यह कार्रवाई एक साथ की गई, जिससे तस्करों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.
चिकन फीड की आड़ में ड्रग तस्करी जांच में सामने आया कि तस्करों ने नशे की खेप को छिपाने के लिए एक नया तरीका अपनाया था. मेफेड्रोन को चिकन फीड यानी पशु आहार की खेप में छिपाकर घरेलू स्तर पर ट्रांसपोर्ट किया जा रहा था. यह तरीका इसलिए अपनाया गया ताकि जांच एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके. आमतौर पर कृषि आधारित सामानों की जांच कम होती है, जिसका फायदा उठाने की कोशिश की गई. हालांकि DRI की खुफिया जानकारी के आगे यह चाल भी नाकाम साबित हुई.
खुफिया सूचना पर कार्रवाई DRI को इस ड्रग मूवमेंट को लेकर पहले से पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी. इसी इनपुट के आधार पर टीमों को अलर्ट पर रखा गया. अधिकारियों ने संभावित रूट्स और वाहनों की पहचान की. लगातार निगरानी के बाद सही समय पर कार्रवाई को अंजाम देने की योजना बनाई गई. इस ऑपरेशन में तकनीकी सर्विलांस और जमीनी इंटेलिजेंस दोनों की अहम भूमिका रही.
राजस्थान में रोका गया ट्रक खुफिया सूचना के आधार पर DRI अधिकारियों ने राजस्थान में एक ट्रक को रोका. ट्रक में दिखने में कृषि आधारित सामान यानी चिकन फीड लदा हुआ था. शुरुआती तौर पर यह एक सामान्य मालवाहक वाहन लग रहा था. लेकिन जब ट्रक की गहन तलाशी ली गई, तो सच्चाई सामने आ गई. चिकन फीड की बोरियों के भीतर बड़ी मात्रा में मेफेड्रोन छिपाकर रखा गया था.
270 किलो मेफेड्रोन बरामद तलाशी के दौरान कुल 270 किलो मेफेड्रोन बरामद किया गया. यह मात्रा अब तक की बड़ी घरेलू जब्तियों में से एक मानी जा रही है. बरामद नशीले पदार्थ की कीमत अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में लगभग 81 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इतनी बड़ी खेप यह साबित करती है कि सिंडिकेट लंबे समय से सक्रिय था. इसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था.
मौके से ड्राइवर गिरफ्तार कार्रवाई के दौरान ट्रक ड्राइवर को मौके से हिरासत में लिया गया. इसके अलावा, खेप की निगरानी कर रहे और उसे सुरक्षित पहुंचाने वाले अन्य लोग भी पकड़े गए. ये सभी लोग सीधे तौर पर ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क का हिस्सा थे. पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आईं हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई. यहीं से पूरे सिंडिकेट की परतें खुलनी शुरू हुईं

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