
शराब नीति: CBI ने कोर्ट में बताया- विजय नायर को क्यों किया गिरफ्तार? मिली 5 दिन की कस्टडी
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दिल्ली की नई शराब नीति से जुड़े मामले में सीबीआई ने एक दिन पहले ही विजय नायर को गिरफ्तार किया था. सीबीआई ने विजय नायर को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया. सीबीआई ने कोर्ट में ये जानकारी दी कि विजय नायर को क्यों गिरफ्तार किया गया और उसे सात दिन की कस्टडी में भेजने की मांग की. कोर्ट ने विजय नायर को पांच दिन की सीबीआई कस्टडी में भेजने का आदेश दिया.
दिल्ली के कथित शराब घोटाला केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विजय नायर को गिरफ्तार किया था. सीबीआई ने विजय नायर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश कर सात दिन की कस्टडी में भेजने की मांग की थी. राउज एवेन्यू कोर्ट ने विजय नायर को पांच दिन की सीबीआई कस्टडी में भेजने का आदेश दिया.
राउज एवेन्यू कोर्ट में सीबीआई ने कहा कि विजय नायर का मोबाइल फोन जब्त किया गया है. उसने अपना मोबाइल फोन फॉर्मेट कर दिया था. सीबीआई की ओर से ये भी कहा गया कि कम्युनिकेशन के लिए विजय नायर सिग्नल ऐप का उपयोग कर रहा था जो अत्यधिक एन्क्रिप्टेड है. सभी डेटा प्राप्त करने में मुश्किलें आ रही हैं.
सीबीआई की ओर से गिरफ्तारी को लेकर ये भी कहा गया कि हमने विजय नायर को गिरफ्तार कर लिया है क्योंकि वह पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं कर रहा था. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने विजय नायर को पांच दिन की CBI रिमांड पर भेजने का आदेश दिया. स्पेशल जज एमके नागपाल की कोर्ट ने विजय नायर को 5 दिन की CBI रिमांड में भेजने का फैसला सुनाया.
CBI ने कोर्ट से विजय नायर को सात दिन की रिमांड में भेजने की मांग की थी. CBI ने दिल्ली की नई आबकारी नीति में भ्रष्टाचार के आरोप में विजय नायर को मंगलवार के दिन गिरफ्तार किया था. विजय नायर की ओर से अधिवक्ता रेबेका जॉन ने पैरवी की. वहीं, CBI की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पंकज गुप्ता ने दलीलें पेश कीं.
CBI के अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि विजय नायर को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और कल इनको गिरफ्तार किया गया. सीबीआई के अधिवक्ता के मुताबिक जब विजय नायर के दो मोबाइल जब्त किए गए, वे फॉर्मेंट किए गए थे. इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि जब 29 अगस्त से ही पूछताछ चल रही थी तो मोबाइल फोन कल क्यों जब्त किए.
कोर्ट के सवाल पर जांच अधिकारी ने कहा कि विजय नायर ने ये जानकारी दी थी कि उनका मोबाइल फोन विदेश में रह गया. CBI के जांच अधिकारी ने सिग्नल एप्प पर हुई चैट के स्क्रीनशॉट भी दिखाए और बताया कि चैट एनक्रिप्टेड है लेकिन जिसको मैसेज भेजा गया था, उसने स्क्रीनशॉट लिया. CBI के वकील ने कहा कि ये हाई प्रोफाइल केस है और इसमें मनीष सिसोदिया समेत 13 लोग आरोपी हैं. उन्होंने कोर्ट में ये भी कहा कि आरोपी सहयोग नहीं कर रहे हैं.

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