
शपथ से पहले भगवंत मान की विधायकों को नसीहत- उनके लिए भी काम करें जिन्होंने वोट नहीं दिया
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पंजाब में आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत के बाद अब भगवंत मान सीएम पद की शपथ लेंगे. जानकारी के मुताबिक भगवंत 16 मार्च को शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव में शपथ लेंगे.
आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब चुनावों में जीत के एक दिन बाद, भगवंत मान ने शुक्रवार को नव-निर्वाचित विधायकों को सलाह दी है. मोहाली में आप विधायक दल की बैठक के दौरान भगवंत मान ने सभी नव निर्वाचित विधायकों से अभिमानी न बनने और उन लोगों के लिए भी काम करने की सलाह दी, जिन्होंने पार्टी को वोट नहीं दिया. बता दें कि भगवंत मान को AAP विधायक दल का नेता चुन लिया गया है.
मान ने कहा कि मैं आप सभी से एरोगेंट न होने की अपील करता हूं. और उन लोगों के लिए भी काम करें जिन्होंने आपको वोट नहीं दिया है. आप पंजाबियों के विधायक हैं. उन्होंने सरकार चुनी है. इसके साथ ही भगवंत मान ने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को चंडीगढ़ में नहीं रहने और उन क्षेत्रों में काम करने का भी निर्देश दिया जहां से वे चुने गए हैं. उन्होंने कहा, 'हमें उन सभी जगहों के लिए काम करना है जहां हम वोट मांगने गए थे. सभी विधायकों को उन क्षेत्रों में काम करना चाहिए जहां से वे चुने गए हैं, न कि केवल चंडीगढ़ में रहें.' इसके अलावा राघव चड्ढा ने कहा कि मैं पार्टी की ओर से ऑब्जर्वर के तौर पर आज की विधायक दल की बैठक में शामिल हुआ था. ऑब्जर्वर के तौर पर पूरी प्रोसिडिंग को हमने कमेंस और कन्क्लूड किया. आम आदमी पार्टी पंजाब यूनिट के लीडर, पंजाब की आन, बान और शान मेरे बड़े भाई सरदार भगवान सिंह मान को विधायकों ने अपना नेता चुना है. भगवंत मान कल सुबह (शनिवार) गवर्नर से मिलेंगे, उन्हें विधायकों का समर्थन पत्र देंगे और सरकार बनाने का क्लेम करेंगे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के पंजाब के सीएम उम्मीदवार भगवंत मान 16 मार्च को शपथ लेंगे. उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह के लिए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को आमंत्रित किया है. जानकारी के मुताबिक मान दिल्ली के सीएम और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ 13 मार्च को अमृतसर में रोड शो करेंगे. जानकारी के मुताबिक पंजाब में सीएम समेत 17 मंत्री होंगे.पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह!
दूसरी तरफ पंजाब में करारी शिकस्त के बाद पार्टी में अंदरूनी कलह शुरू हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्दू को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में पूर्व कैबिनेट मंत्री तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा बोले कि नवजोत सिंह सिद्धू जो हमारे अध्यक्ष हैं वो एक बेलगाम घोड़े हैं. ना तो वो किसी के साथ चल सकते हैं ना किसी को अपने साथ रख सकते हैं. वो खुद को वन मैन आर्मी ही समझते हैं. और अब आलाकमान को देखना है कि उन्हें आगे क्या करना है.
वहीं पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू के डीएनए में ही कांग्रेस नहीं है, उन्हें कांग्रेस का कल्चर नहीं पता. जब उन्होंने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के कामकाज और अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े करने शुरू किए थे तभी प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को सिद्धू को कांग्रेस से बाहर कर देना चाहिए था. सिद्धू ने कांग्रेस का पॉलिटिकली मर्डर कर दिया, कांग्रेस को बर्बाद कर दिया.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बीजेपी से सीख लेनी चाहिए कि वो बाहर से दूसरी पार्टियां छोड़कर बीजेपी में आने वालों को मंत्री, विधायक या सांसद तो भले ही बना दें, लेकिन संगठन में पुराने बीजेपी नेताओं को ही जगह देते हैं. लेकिन यहां कांग्रेस ने तो नवजोत सिंह सिद्धू को अध्यक्ष बनाकर पूरी थाली परोस कर रख दी और उन्होंने अपनी बयानबाजी से कांग्रेस का पॉलिटिकली मर्डर कर दिया और कांग्रेस को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया. इसके अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री गुरकीरत कोटली ने कहा कि हमारे अध्यक्ष को अपनी बयानबाजी को लेकर कंट्रोल में रहना चाहिए था.

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का आधा टर्म नवंबर 2025 में पूरा हो चुका है, जिससे स्पेकुलेशन बढ़ा. होम मिनिस्टर जी परमेश्वर भी फ्रे में हैं, लेकिन मुख्य जंग सिद्धारमैया-डीके के बीच है. पार्टी वर्कर्स में कन्फ्यूजन है, लेकिन हाई कमांड का फोकस यूनिटी पर है. क्या 29 जनवरी का समन टसल खत्म करेगा या नया ड्रामा शुरू होगा? देखना बाकी है.

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