
वोटिंग से पहले बस्तर में 26 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सरकार की एक पहल और छत्तीसगढ़ में अब तक 717 नक्सली कर चुके हैं सरेंडर
AajTak
दंतेवाड़ा में सोमवार को 3 नाबालिग 5 महिला समेत 26 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं. ये सभी दक्षिण बस्तर में माओवादियों की किस्टाराम, भैरमगढ़, मलंगीर और कटेकल्याण क्षेत्र समितियों का हिस्सा थे. ये लोग सड़क खोदने, सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए पेड़ काटने और पोस्टर-बैनर लगाने का काम करते थे.
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ शुरू किए ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली है. चुनाव से पहले सोमवार को दंतेवाड़ा में पांच महिलाओं और तीन किशोरों सहित कुछ 26 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है. नक्सलियों के आत्मसमर्पण की जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दी है. दंतेवाड़ा बस्तर लोकसभा सीट का हिस्सा है, जहां पहले चरण 19 अप्रैल को मतदान होना है. दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव राय ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में जोगा मुचाकी प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के कोराजगुड़ा पंचायत जनता सरकार का प्रमुख था और उसके ऊपर सरकार ने एक लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था.
'खोखली है माओवादी विचारधारा'
पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने हथियार डाल दिए. वे दक्षिण बस्तर में माओवादियों की किस्टाराम, भैरमगढ़, मलंगीर और कटेकल्याण क्षेत्र समितियों का हिस्सा थे. वो पुलिस के पुनर्वास अभियान 'लोन वर्राटू' से प्रभावित थे और वो माओवादी की खोखली विचारधारा से निराश थे.
एसपी ने कहा, नक्सलियों ने अपने इस कैडर को सड़क खोदने, सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए पेड़ काटने और पोस्टर-बैनर लगाने का काम सौंपा गया था. उन्हें सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के अनुसार सुविधाएं प्रदान की जाएगी.
यह भी पढ़ें: मोस्टवांटेड नक्सली हिडमा के सफाए का बन गया प्लान, जानें कैसे किया जाएगा खात्मा
3 नाबालिग समेत 5 महिलाओं ने भी किया सरेंडर

नोएडा इंजीनियर मौत मामले में एसआईटी कह रही है कि जल्द सबसे सवाल-जवाब करके निष्पक्ष जांच रिपोर्ट दे दी जाएगी. लेकिन एक सवाल चश्मदीद की तरफ से उठ रहा है. वो चश्मदीद जो लगातार मीडिया को पहले बताते रहे कि पुलिस, दमकल, SDRF की टीम दो घंटे तक बचाने के लिए नहीं उतरी थी. लेकिन बाद में वो कुछ और बयान देते पाए गए. जानकारी मिली कि पुलिस ने उन्हें पांच घंटे तक बैठाकर रखा था. तो क्या ये दबाव बनाने की कोशिश थी? देखें खबरदार.

गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर गांव में 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी 11 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही भरभराकर गिर गई. 19 जनवरी को टेस्टिंग के दौरान 9 लाख लीटर पानी भरते ही टंकी गिर गई, जिसमें एक महिला समेत तीन मजदूर घायल हुए. मलबे से घटिया निर्माण सामग्री के संकेत मिले हैं. ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की जंग तेज हो गई है. कल्याण-डोंबिवली में बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी है. आरोप है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट (UBT) के चार पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए तोड़-फोड़ की है.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.









