
वैक्सीन लेने वालों को फ्री बिरयानी और ढेरों गिफ्ट... इस गांव में बढ़ गई वैक्सीनेशन की रफ्तार
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टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए गांव में एक वीकली लकी ड्रा निकाला गया है, जिसमें मुफ़्त उपहार के तौर पर मिक्सी, ग्राइंडर और सोने के सिक्के देने का फैसला लिया गया. एक बम्पर ड्रॉ भी है जहां विजेताओं के लिए रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और यहां तक कि एक स्कूटर भी इनाम में देने का प्लान है.
कोरोना टीकाकरण अभियान में सभी वर्गों के लोग बढ़ चढ़कर शामिल हों, इसके लिए तरह-तरह के नुस्खे अपनाए जा रहे हैं. चेन्नई में मछुआरों के एक गांव में टीकाकरण के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए बिरयानी और मुफ्त में उपहार देने की लकी ड्रा स्कीम शुरू की गई. एनजीओ का कहना है कि उसकी ये स्कीम काम कर रही है. गांव में वैक्सीन लगवाने की संख्या में वृद्धि हुई है. मछुआरा गांव कोवलम की आबादी 14,300 है, जिनमें से 6,400 लोग 18 साल से अधिक उम्र के हैं. एसटीएस फाउंडेशन चलाने वाले सुंदर के अनुसार, यहां दो महीनों में केवल 58 लोगों को टीका लगाया जा सका. ऐसे में फाउंडेशन के साथ समुदाय के जागरूक लोग एक साथ आए और वैक्सीन के प्रति हिचकिचाहट को दूर करने की योजना तैयार की.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









