
वेनेजुएला पर हमला करेगा अमेरिका? कैरेबियन सागर में भेजा एयरक्राफ्ट कैरियर, 5000 सैनिक और 75 जेट तैनात
AajTak
अमेरिका का यह कदम न सिर्फ वेनेजुएला बल्कि पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को और भड़का सकता है. कई जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट इसे ट्रंप प्रशासन की ताकत दिखाने की रणनीति मान रहे हैं.
वेनेजुएला के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपना एयरक्राफ्ट कैरियर कैरेबियन क्षेत्र में तैनात किया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कैरेबियन क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को नाटकीय रूप से बढ़ाते हुए एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप 'यूएसएस जेराल्ड फोर्ड' को लैटिन अमेरिका भेजने का आदेश दिया. यह कदम अब तक के किसी भी एंटी-नारकोटिक्स मिशन (मादक पदार्थ रोधी अभियान) से कहीं बड़ा माना जा रहा है और इसे वॉशिंगटन की अब तक की सबसे सशक्त सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है.
यह तैनाती डोनाल्ड ट्रंप की कैरेबियन क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की योजना का हिस्सा है, जिसमें 8 अतिरिक्त युद्धपोत, 1 परमाणु पनडुब्बी और एफ-35 लड़ाकू विमान शामिल हैं. विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में अमेरिकी इरादों को लेकर चिंताएं बढ़ा सकता है. डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाला अमेरिकी प्रशासन लंबे समय से निकोलस मादुरो के नेतृत्व वाली वेनेजुएलाई सरकार पर लंबे समय से मादक पदार्थों के तस्करों को शरण देने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाता रहा है.
यह भी पढ़ें: वेनेजुएला ने US को दी चेतावनी, कहा- किसी एक को छुआ तो दोनों पर असर पड़ेगा
एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती क्या बोला पेंटागन?
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पर्नेल ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'यूएसएस साउथकॉम क्षेत्र में बढ़ी हुई अमेरिकी सैन्य उपस्थिति से हमारी क्षमता में वृद्धि होगी ताकि हम उन अवैध गतिविधियों का पता लगा सकें, उन्हें रोक सकें और समाप्त कर सकें जो अमेरिका की सुरक्षा और पश्चिमी गोलार्ध की स्थिरता को खतरे में डालती हैं.' हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि एयरक्राफ्ट कैरियर कब लैटिन अमेरिका पहुंचेगा. कुछ दिनों पहले तक ‘यूएस जेराल्ड फोर्ड’ यूरोप में जिब्राल्टर की खाड़ी से गुजर रहा था.
STATEMENT: In support of the President’s directive to dismantle Transnational Criminal Organizations (TCOs) and counter narco-terrorism in defense of the Homeland, the Secretary of War has directed the Gerald R. Ford Carrier Strike Group and embarked carrier air wing to the U.S.…

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.

हिज्बुल्लाह ने इजरायली सेना पर जबरदस्त रॉकेट हमला किया है. हिजबुल्लाह प्रवक्ता ने कहा है कि हमने दुश्मन पर कई रॉकेट दागे हैं. उन्होंने कहा कि आज सुबह ये हमला लेबनान की सुरक्षा के लिए किया गया. इजरायल ने भी माना है कि हाइफा में कई रॉकेट दागे गए, लेकिन इजरायल का दावा है कि हमने ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया. देखें वीडियो.

तेल अवीव में मची तबाही का ड्रोन फुटेज सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि मंगलवार की सुबह जब दुनिया की नजरें ट्रंप के '5-दिन के युद्ध विराम' के दावों पर टिकी थीं, ठीक उसी वक्त ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने तेल अवीव की सुरक्षा दीवार को चकनाचूर कर दिया. ताजा ड्रोन फुटेज ने इस हमले की भयावहता की गवाह दे दी है. देखें वीडियो.

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.

टायर सिटी में IDF के हमलों में 12 की मौत, बेरूत से टूटा कनेक्शन... लेबनान से आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट
IDF ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में चार अलग-अलग जगहों पर बमबारी की. पिछले रात हुए इन हमलों में 12 और लोगों की मौत की खबर है. IDF दक्षिण लेबनान में तेजी से अपने जमीनी सैनिकों को आगे बढ़ा रहा है,

ईरान ने दावा किया है कि असने अमेरिकी ड्रोन लुकास को मार गिराया है. ईरान न्यूज एजेंसी ने ड्रोन की तस्वीरें भी साझा की. जहां एक तरफ ईरान अमेरिका में शांति वार्ता की बातचीत चल रही है वहा यूएस-ईरान के हमले भी जारी है. वहीं कोलंबिया के अमेजन इलाके में एक विमान हादसा हो गया. इस हादसे में 66 लोगों की मौत हो गई है.






