
विदेश दौरे में कांग्रेस की अनदेखी से बिफरे जयराम रमेश, बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी राजनीति कर रही मोदी सरकार
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कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि जिन चार अन्य कांग्रेस नेताओं- शशि थरूर, मनीष तिवारी, अमर सिंह और सलमान खुर्शीद को प्रतिनिधिमंडलों में शामिल किया गया है, उन्हें पार्टी की मंजूरी के बिना मनमाने तरीके से नामित किया गया.
पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को वैश्विक मंचों पर रखने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई सात प्रतिनिधिमंडलों में कांग्रेस के चार सुझाए गए नामों में से केवल एक को जगह दिए जाने पर कांग्रेस ने शनिवार को तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने इसे मोदी सरकार की "पूर्णतः असंवेदनशीलता" और "गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर सस्ती राजनीतिक चालें" बताया.
कांग्रेस ने बताया कि सरकार की मांग पर पार्टी ने 16 मई को आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, सैयद नासिर हुसैन और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नाम भेजे थे. लेकिन अंतिम सूची में केवल आनंद शर्मा को ही शामिल किया गया, जबकि अन्य तीन को नजरअंदाज कर दिया गया.
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि जिन चार अन्य कांग्रेस नेताओं- शशि थरूर, मनीष तिवारी, अमर सिंह और सलमान खुर्शीद को प्रतिनिधिमंडलों में शामिल किया गया है, उन्हें पार्टी की मंजूरी के बिना मनमाने तरीके से नामित किया गया.
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जयराम रमेश का आरोप
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “यह दिखाता है कि मोदी सरकार कितनी असंवेदनशील है और कैसे वह राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर भी सस्ती राजनीति करती है.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन नेताओं की विदेश दौरे में भागीदारी का समर्थन करती है, लेकिन यह भी साफ करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा जिस तरह से संसदीय परंपराओं को नजरअंदाज कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है.

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