
विदेशों में अड्डा जमाए बैठे हैं मोस्ट वॉन्टेड, सचिन बिश्नोई के बाद अब गोल्डी बराड़ समेत इन गैंगस्टर्स को इंडिया लाने की तैयारी
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विदेशी जमीन पर बैठकर भारत में अपराध करने या भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रचने वाला केवल सचिन या गोल्डी ही नहीं है, इनके जैसे कई ऐसे गैंगस्टर और खालिस्तानी आतंकी हैं जो दूसरे देशों में छुपकर भारत के खिलाफ साजिश रचते हैं और भारत में वारदातों को अंजाम देते हैं.
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड सचिन बिश्नोई आखिरकार भारतीय एजेंसियों की पकड़ में आ ही गया. सचिन को लंबी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अजरबैजान से भारत डिपोर्ट किया गया है. विदेशी जमीन पर बैठकर भारत में अपराध करने या भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रचने वाला केवल सचिन ही नहीं है, इसके जैसे कई ऐसे गैंगस्टर और खालिस्तानी आतंकी हैं जो दूसरे देशों में छुपकर भारत के खिलाफ साजिश रचते हैं और भारत में वारदातों को अंजाम देते हैं. चलिए जान लेते हैं कुछ ऐसे ही अपराधियों की कुंडली.
दरअसल, केंद्र सरकार ने इसी साल अप्रैल में वॉन्टेड गैंगस्टर्स की एक लिस्ट तैयार की थी. जिसमें 28 गैंगस्टर्स के नाम शामिल थे. ये वो गैंगस्टर्स हैं, जो दूसरे देशों में छिपकर बैठे हैं. और विदेशी जमीन से ही भारत के खिलाफ या भारत में अपने आतंकी और आपराधिक मंसूबों को पूरा करने का काम करते हैं. भारत में अपराध करते हैं. लोगों की जान लेते हैं. अवैध वसूली और रंगदारी इनका धंधा है. ये लोगों को धमकाकर, डराकर अपना उल्लू सीधा करते हैं. 28 में से 9 कनाडा में और 5 गैंगस्टर्स अमेरिका में बैठे हैं. ये वो गैंगस्टर्स हैं, जिन पर भारत में मर्डर, एक्सटॉर्शन और किडनैपिंग जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.
अमेरिका में छुपे हैं ये गैंगस्टर्स अमेरिका में पनाह लेने वाला गोल्डी बराड़ अकेला नहीं है. उसके अलावा हरजोत सिंह गिल, दरमनजीत सिंह उर्फ दरमन काहलों और अमृत बल भी अमेरिका में रहकर भारत में अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने की फिराक में रहते हैं.
सचिन बिश्नोई भारत से 3,700 किमी दूर अजरबैजान में बैठे सचिन बिश्नोई ने कभी सोचा भी नहीं था कि वो विदेश में पकड़ा जाएगा. लेकिन ऐसा ही हुआ और उसे अजरबैजान में गिरफ्तार कर लिया गया. सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में पहले दिन से ही उसका नाम आ रहा था. मगर सचिन कानून की पहुंच से बहुत दूर था. शातिर सचिन बिश्नोई जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है. जो विदेश में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग को ऑपरेट करता है. सचिन वही नाम है, जिसका जिक्र मूसेवाला मर्डर केस में एजेंसियां लगातार करती रही हैं. जांच एजेंसियां सचिन को इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड करार देती रही हैं. यही वजह है कि वो शुरू से ही जांच अधिकारियों के रडार पर रहा है. पुलिस का दावा था कि सचिन के कहने पर ही संदीप उर्फ केकड़ा ने सिद्धू मूसेवाला की रेकी की थी, क्योंकि वो सचिन का दोस्त है. यानी सीधे तौर पर सचिन का इस मर्डर केस से नाता है.
गोल्डी बराड़ गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का असली नाम सतिंदरजीत सिंह बराड़ है. वो गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी माना जाता है. पंजाब के फरीदकोट जिले में युवा कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या में उसका नाम आया था. पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी गोल्डी आरोपी है. साल 2021 में पंजाब से उसके खिलाफ एक गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था. पुलिस को 16 से ज्यादा मामलों में गोल्डी बराड़ की तलाश है. लारेंस बिश्नोई के जेल जाने के बाद से ही वो कनाडा में बैठकर बिश्नोई गैंग की कमान संभालता है. गोल्डी बरार ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ली थी. इस मामले में उसका नाम आने के बाद वो अमेरिका भाग गया था.
पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब का रहने वाले सतविंदर सिंह उर्फ गोल्डी बरार का जन्म 1994 में हुआ था. वो साल 2017 में छात्र वीजा पर कनाडा गया था. गोल्डी BA की डिग्री हासिल कर चुका है. उसकी 5 अलग-अलग तस्वीरें पंजाब पुलिस के डोजियर में हैं, तस्वीरें देखने से पता चलता है की हालात के साथ वो अपना हुलिया बदलता रहा है. गोल्डी A+ कैटगरी का गैंगस्टर है और कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ है. भारत सरकार के डोजियर में गोल्डी बरार के 12 सहयोगियों का पूरा खुलासा किया गया है जो अपराधिक गतिविधियों में उसके साथ हैं और उन सहयोगियों में वो पहले नंबर पर नाम है. गोल्डी बरार पर हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी जैसे संगीन मामले दर्ज हैं, गोल्डी पर पंजाब में कुल 16 मामले दर्ज हैं, जिसमें 4 में वो बरी हो चुका है. कनाडा भागने से पहले गोल्डी की पंजाब के फिरोजपुर और श्री मुक्तसर साहिब में आपराधिक गतिविधियां चरम पर थी.

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