
'विकसित भारत संकल्प यात्रा' आयोजित करने के पीछे BJP की रणनीति क्या है?
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'विकसित भारत संकल्प यात्रा' के ज़रिए क्या हासिल करना चाहती है बीजेपी, कतर में 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को क्यों सुनाई गई मौत की सजा और वर्ल्ड कप 2023 में इंग्लैंड किन गलतियों की वजह से पीछे रह गई? सुनिए 'आज का दिन' में.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 नवंबर को देश भर में विकसित भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत करेंगे. यात्रा बिरसा मुंडा जयंती यानी जन जाति गौरव दिवस के मौके पर झारखंड के खूंटी के आदिवासी इलाके से शुरू की जाएगी. 25 जनवरी 2024 तक चलने वाली ये यात्रा देश के सभी ग्राम पंचायत में जाएगी और सभी गांववासियों तक पहुंचने के लिए 2500 वैन ग्रामीण इलाकों में लगाई जाएंगी.
3700 लोकल अर्बन बॉडी के 14000 स्थानों को भी कवर किया जाएगा. 250 वैन शहरी इलाकों में भी लगाए जाएंगे, इसके साथ नोडल ऑफिसर भी नियुक्त किए जाएंगे. गवर्मेंट प्रोजेक्ट्स के बारे में सबको बताना इन मोबाइल वैन का काम होगा. साथ ही जिसे भी गवर्मेंट के स्कीम्स का फ़ायदा नहीं मिल पाया है उन लोगों को रजिस्टर भी किया जाएगा, ये पूरी तरह से सरकारी कार्यक्रम होगा जिसे केंद्र सरकार राज्य सरकारों की मदद और जन भागीदारी से सफल बनाने की तैयारी में है. इस यात्रा के ज़रिए बीजेपी क्या हासिल करना चाहती है और ईडी को इससे क्या आपत्ती है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
—------------------------------------------- कतर में आठ महीने पहले भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. ये सभी ऑफिसर भारतीय नौसेना में अलग-अलग पोस्ट पर काम कर चुके हैं. कतर की एक अदालत ने सभी को मौत की सजा सुनाई है. नौसेना के इन अधिकारियों को एक साल से अधिक समय से हिरासत में रखा गया था. भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि वो इस फ़ैसले से हैरान हैं और भारत सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है. अभी जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक भारतीय नौसेना के जिन अधिकारियों पर कतर में मुकदमा चल रहा था उन पर देश की हाई ग्रेड पनडुब्बियों पर कतर के दुशमन देश के लिए जासूसी के आरोप लगे हैं. ये पनडुब्बियां मेटामटेरियल से कवर हैं जो उनकी सीक्रेट क्षमताओं को बढ़ाती हैं और उनका पता लगाना मुश्किल होता है. पूरा मामला क्या है और इनकी रिहाई के लिए भारत के पास क्या रास्ता है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
कल वनडे विश्वकप के 25वें मैच में श्रीलंका ने वनडे चैंपियन इंग्लैंड को 8 विकेट से रौंद दिया. इस विश्व कप के पांच मैचों में यह इंग्लैंड की चौथी हार है. बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 156 रन बनाए. इसके जवाब में श्रीलंका ने दो विकेट खोकर 160 रन बना लिए. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने अच्छी शुरुआत की. जॉनी बेयरस्टो और डेविड मलान की जोड़ी ने तेज शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 45 रन जोड़े. मलान 28 रन बनाकर एंजेलो मैथ्यूज का शिकार बने. हालांकि, इसके बाद विकेटों की झड़ी लग गई. 157 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं थी. कुसल परेरा चार रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद कुसल मेंडिस भी 11 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए. 23 रन पर दो विकेट गंवाने के बाद श्रीलंका मुश्किल में फंस सकती थी, लेकिन पथुम निसांका और सदीर समरविक्रमा ने शतकीय साझेदारी कर अपनी टीम को जीत दिलाई. लहिरू कुमारा को शानदार गेंदबाज़ी के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया. इंग्लैंड का इस बार परफॉर्मेंस इतना खराब क्यों है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

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