
लोकसभा नतीजों में INDIA गुट की लॉटरी लगने के पीछे हैं ये 5 कारण
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लोकसभा चुनाव 2024 में INDIA ब्लॉक बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को जबरदस्त टक्कर दे रहा है. शुरुआती रुझानों में एनडीए ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, लेकिन बीजेपी को उत्तर प्रदेश में जोरदार झटका लगा है, जबकि कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है.
लोकसभा चुनाव 2024 के रुझानों में एनडीए को बहुमत हासिल हो चुका है, लेकिन विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक से जबरदस्त टक्कर मिल रही है - और बीजेपी के 'अबकी बार 400 पार' का स्लोगन बेअसर साबित होता नजर आ रहा है.
ममता बनर्जी के दूरी बना लेने, और नीतीश कुमार के एनडीए में चले जाने के बाद INDIA ब्लॉक काफी कमजोर लग रहा था, लेकिन उसका प्रदर्शन उम्मीदों से ज्यादा उम्दा लग रहा है - ऐसा लग रहा है कि मोदी सरकार के प्रति लोगों में जो भी असंतोष रहा, विपक्षी गठबंधन उसे भुनाने में सफल लग रहा है.
2019 के विपरीत विपक्ष इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर को भुनाने में भी कुछ हद तक कामयाब लग रहा है - और ये भी लगता है कि राम मंदिर उद्घाटन समारोह को लेकर विपक्षी नेताओं का स्टैंड राजनीतिक तौर पर सही था.
ऐसा लगता है कि विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुकाबले अगर प्रधानमंत्री पद का कोई चेहरा पेश कर दिया गया होता, तो नतीजे काफी अलग भी हो सकते थे. वैसे विपक्ष की तरफ से कहा गया है कि चुनाव नतीजे INDIA के पक्ष में आये तो 48 घंटे के भीतर प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा कर दी जाएगी.
1. चुनाव कैंपेन में विपक्ष का नैरेटिव चल गया
चुनाव कैंपेन के दौरान नैरेटिव तो दोनो तरफ से सेट करने की कोशिश हुई, लेकिन ऐसा लगता है विपक्ष आरक्षण खत्म करने और संविधान बदलने की बात को मुद्दा बनाने में काफी सफल रहा - और तमाम तौर तरीके अपनाने के बावजूद बीजेपी चूक गई.

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