
लेडी डॉन और ड्रग्स माफिया हसीना पर UP पुलिस ने कसा शिकंजा, 2 करोड़ की प्रॉपर्टी सीज
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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की पुलिस ने लेडी डॉन हसीना की 2 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क कर दी है. हसीना की संपत्तियों पर सरकारी सील लगाने के बाद पुलिस विभाग ने मोहल्ले में ढोल बजवाकर मुनादी भी कराई. नशे की कारोबारी हसीना पहले से ही मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जेल में बंद है. कोर्ट ने उसे 10 साल की सजा सुनाई है.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस ने डीएम के आदेश पर लेडी डॉन हसीना की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क कर दी है. जब्त की गई संपत्ति में उसकी जयंतीपुर की कोठी भी शामिल है. हसीना को तीन महीने पहले ही मुरादाबाद की कोर्ट ने मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में 10 साल कैद की सजा सुनाई थी. तभी से हसीना जेल में बंद है.
हसीना की संपत्ति पर सरकारी सील लगाने के बाद पुलिस विभाग की ओर से मोहल्ले में ढोल बजवाकर मुनादी भी कराई गई. इसे लेकर मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हेमंत कुटियाल ने बताया कि ये लेडी डॉन हसीना एक शातिर किस्म की अपराधी है, जिसके खिलाफ अलग अलग थानों में जुआ-सट्टा और मादक पदार्थों की तस्करी के 26 -27 मुकदमे दर्ज हैं.
उन्होंने ये भी कहा कि हसीना के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत चार्जशीट भी फाइल की गई थी. अब डीएम के आदेश पर 14 (1) गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुनादी कराकर 2 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है. एसएसपी ने कहा कि हसीना का नेटवर्क सिर्फ मुरादाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे वेस्ट यूपी में फैला हुआ है.
उन्होंने कहा कि वेस्ट यूपी में नशे और सट्टे की दुनिया में हसीना लेडी डॉन के नाम से कुख्यात है. मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर में भी हसीना चरस तस्करी के मामलों में सुर्खियों में रह चुकी है. एसएसपी ने बताया कि जिस मामले में कोर्ट ने उसे 10 साल कैद की सजा सुनाई है वह करीब तीन साल पुराना है. मझोला थाना क्षेत्र में जयंतीपुर में रहने वाली हसीना को पुलिस और ड्रग्स विभाग की टीम ने 9 अगस्त, 2019 को गिरफ्तार किया था.
अतीक अहमद की 3 संपत्तियां कुर्क
गौरतलब है कि बाहुबली अतीक अहमद की अपराध से अर्जित 3 संपत्तियां भी जिला प्रशासन ने कुर्क की थीं, जिनकी कीमत 76 करोड़ बताई जा रही है. इन संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रयागराज जिले के धूमनगंज और पूरामुफ्ती थाने की पुलिस ने कुर्क किया. कुर्क करने गई पुलिस और प्रशासन की टीमों ने डुगडुगी बजाकर मुनादी कराई. इसके बाद तीनों भूखंडों पर कुर्की का बोर्ड भी लगा दिया.

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