
लालू यादव के नाती आदित्य क्यों ले रहे हैं सिंगापुर में मिलिट्री ट्रेनिंग? जानें ट्रेनिंग का उद्देश्य
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आदित्य सिंगापुर में दो साल की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग ले रहे हैं. यह वहां के कानून के अनुसार अनिवार्य ट्रेनिंग है, न कि किसी देश की सेना में स्वैच्छिक भर्ती. यह भारतीय सेना की भर्ती नहीं है. ट्रेनिंग का मकसद अनुशासन, फिटनेस और नेतृत्व कौशल विकसित करना है. उनकी मां रोहिणी आचार्य ने इस उपलब्धि पर गर्व जताया है.
देश की राजनीति से जुड़े एक बड़े परिवार का नाम इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा में है. राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव के नाती और रोहिणी आचार्य के बेटे आदित्य सिंगापुर में मिलिट्री ट्रेनिंग ले रहे हैं. जैसे ही यह जानकारी सामने आई, सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सवाल उठने लगे कि आखिर यह ट्रेनिंग क्या है, क्यों ली जा रही है और इसका भारत या भारतीय सेना से क्या संबंध है. दरअसल, यह ट्रेनिंग सिंगापुर की अनिवार्य नेशनल सर्विस का हिस्सा है, जिसे वहां हर योग्य युवा को पूरा करना होता है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के नाती आदित्य इन दिनों सुर्खियों में हैं, क्योंकि वह सिंगापुर में दो साल की मिलिट्री ट्रेनिंग पर गए हैं.
क्या ट्रेनिंग है यह? सिंगापुर में नेशनल सर्विस (National Service) कानूनन अनिवार्य है. जब कोई युवा 18 वर्ष की उम्र पूरा कर लेता है, तो उसे वहां की सेना की बेसिक ट्रेनिंग लेनी होती है. चाहे वह सिंगापुर का नागरिक हो या दूसरी पीढ़ी का स्थायी निवासी (Permanent Resident) हो. इस ट्रेनिंग को Basic Military Training (BMT) कहा जाता है.
यह लगभग दो साल की होती है और इसका उद्देश्य है- अनुशासन (Discipline), शारीरिक फिटनेस, टीमवर्क, नेतृत्व कौशल विकसित करना, सेना के बुनियादी काम सीखना जैसे हथियार की जानकारी, फायरिंग, परेड, मार्च आदि. इसलिए कहा जा सकता है कि यह सिर्फ एक कठिन और अनुशासन वाली युवा ट्रेनिंग है, न कि किसी विशेष देश की सेना में स्वेच्छा से भर्ती होना.
आदित्य कौन हैं? आदित्य लालू प्रसाद यादव के पोते हैं. उनकी मां रोहिणी आचार्य हैं, जिन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपने बेटे की ट्रेनिंग शुरू होने की जानकारी दी. आदित्य ने प्री-यूनिवर्सिटी की पढ़ाई पूरी कर ली है और इसके बाद सिंगापुर की यह अनिवार्य ट्रेनिंग शुरू की है.
रोहिणी आचार्य का संदेश रोहिणी आचार्य ने एक्स (X/Twitter) पर लिखा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है. उन्होंने कहा कि आदित्य बहादुर, साहसी और अनुशासनप्रिय है और जीवन की कठिन लड़ाइयों में ही सच्चा योद्धा बनता है. एक्स पर अपनी पोस्ट में रोहिनी ने लिखा- आज मेरा दिल गर्व से भरा हुआ है , आज अपनी प्री - यूनिवर्सिटी ( Pre - University ) की पढ़ाई पूरी करने के बाद 18 साल की उम्र में हमारा बड़ा बेटा आदित्य 2 साल की Basic Military Training के लिए गया है .. आदित्य .. तुम बहादुर , साहसी और अनुशासन के साथ रहने वाले हो, जाओ कमाल कर दिखाओ , हमेशा याद रखना जीवन की सबसे कठिन लड़ाइयों में ही योद्धा बनते हैं .. हम सबों का सारा प्यार और हौसला हमेशा तुम्हारे साथ है..
यह भारतीय सेना नहीं कुछ लोगों ने यह गलत समझा कि आदित्य भारतीय सेना में भर्ती हो रहे हैं, लेकिन सच यह है कि वह सिंगापुर में अनिवार्य नेशनल सर्विस ट्रेनिंग ले रहे हैं. जो वहां के कानून के अनुसार सभी योग्य युवाओं पर लागू होती है. अगर कोई व्यक्ति इस नेशनल सर्विस से भागता है तो सख्त सजा का प्रावधान भी होता है.

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