
लालू यादव की फैमिली ट्री... रोहिणी आचार्य समेत अन्य बेटे-बेटियां-दामाद कौन क्या करते हैं?
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का रिजल्ट आने के बाद लालू परिवार की लड़ाई खुलकर सामने आ गई है. तेज प्रताप यादव के बाद अब बेटी रोहिणी आचार्य ने भी तेजस्वी यादव और आरजेडी नेता संजय यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. साथ ही परिवार से भी नाता तोड़ने की घोषणा कर दी है. ऐसे में देखते हैं- लालू यादव की फैमिली ट्री.
लालू प्रसाद यादव के परिवार में इन दिनों घमासान मचा हुआ है. चुनाव से पहले बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने परिवार छोड़ा था. अब पिता को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार से नाता तोड़ लिया है. रोहिणी ने भी तेजप्रताप की तरह तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव को परिवार में दरार के लिए जिम्मेदार बताया है.
लालू यादव और राबड़ी देवी के 9 बेटे-बेटियां हैं. ऐसे में जानते हैं लालू यादव की पूरी फैमिली ट्री के बारे में, किनकी शादी कहां हुई है और उनके दमाद, बहू और समधी कौन हैं?
मीसा भारती लालू प्रसाद यादव की शादी राबड़ी देवी से हुई है. दोनों ही बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. दोनों के 9 बच्चे हैं. इनमें सात बेटियां और दो बेटे शामिल हैं. सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती हैं. मीसा ने एमबीबीएस किया हुआ है. माता-पिता के बाद सबसे पहले मीसा ही राजनीति में सक्रिया हुईं. वह पाटिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से आरजेडी की सांसद हैं. उनकी शादी शैलेश कुमार से हुई है, जो पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर हैं.
रोहिणी आचार्य बिहार विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद लालू यादव की जिस बेटी, रोहिणी आचार्य परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान किया, वो लालू-राबड़ी की दूसरी संतान हैं. इनकी शादी समरेश सिंह से हुई है. रोहिणी समरेश सिंह के साथ सिंगापुर में रहती हैं. रोहिणी ने भी एमबीबीएस किया हुआ है और उनके पति समरेश सिंह के पिता रणविजय सिंह किसी जमाने में लालू यादव के करीबी मित्र हुआ करते थे.
चंदा यादव लालू यादव और राबड़ी देवी की तीसरी बेटी का नाम चंदा यादव है. वह काफी कम लाइमलाइट में रहती हैं. इनकी शादी विक्रम सिंह से हुई है. विक्रम सिंह पेशे से एक पायलट हैं.
रागिनी यादव रागिनी यादव लालू यादव की चौथी बेटी है. रागिनी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. रागिनी की शादी उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेता जितेंद्र यादव के बेटे राहुल यादव से हुई है. राहुल यादव भी समाजवादी पार्टी से राजनीति में सक्रिय हैं.

चीनी मार्केट की शक्ल लगभग दो साल बाद बदल गई है. 2024 में BYD ने फॉक्सवैगन को पीछे छोड़ा था और 2025 में भी कंपनी चीनी मार्केट की टॉप कार सेलिंग ब्रांड बनी रही. हालांकि, 2026 की शुरुआत कुछ अलग हुई है. फॉक्सवैगन दोबारा चीनी मार्केट में टॉप सेलिंग ब्रांड बन गया है. कंपनी ने तमाम चीनी ब्रांड्स को पीछे छोड़ दिया है.












