
'लाडकी बहिण योजना' के खर्च से प्रभावित हुई सरकारी योजनाएं, इस साल नहीं मिलेगी 'आनंदचा शिधा' किट
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महाराष्ट्र में आनंदचा शिधा योजना के तहत राशन कार्ड धारकों को त्योहारों के अवसर पर आवश्यक वस्तुएं मात्र 100 रुपये में उपलब्ध कराई जाती थीं. इसमें 1 किलो चीनी, 1 किलो सूजी, 1 किलो चना दाल, 1 लीटर पाम ऑयल उपलब्ध कराया जाता था. लेकिन इस वर्ष यह राशन किट उपलब्ध नहीं कराई जाएगी.
इस साल गणेशोत्सव के दौरान महाराष्ट्र सरकार की लोकप्रिय 'आनंदचा शिधा' योजना के तहत राशन किट नहीं बांटे जाएंगे. राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर है और 'लाडकी बहन योजना' के लिए 45000 करोड़ रुपये का भारी बजट आवंटित किए जाने के चलते अन्य योजनाएं प्रभावित हो रही हैं.
छगन भुजबल ने कहा कि हम राज्य की आमदनी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि योजनाओं के लिए अभी धन की उपलब्धता में देरी हो रही है. जैसे ही बजट मिलेगा, योजना फिर से शुरू की जाएगी. किसी भी योजना के लिए हमें 2–3 महीने पहले टेंडर निकालना होता है और अब गणेशोत्सव कुछ ही हफ्तों में आने वाला है. इसलिए इस साल सरकार की ओर से 'आनंदचा शिधा योजना' लागू नहीं की जाएगी.
क्या है आनंदचा शिधा योजना? इस योजना के तहत राशन कार्ड धारकों को त्योहारों के अवसर पर कुछ आवश्यक वस्तुएं मात्र 100 रुपये में उपलब्ध कराई जाती थीं. इसमें 1 किलो चीनी, 1 किलो सूजी, 1 किलो चना दाल, 1 लीटर पाम ऑयल उपलब्ध कराया जाता था. लेकिन इस वर्ष यह राशन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा.
कब-कब वितरित की गई किट? ये योजना दिवाली 2022 में शुरू हुई थी, जब एकनाथ शिंदे सूबे के मुख्यमंत्री थे. पहली 'आनंदचा शिधा' किट दिवाली 2022 पर वितरित की गई थी, जिसमें एक किलो चना दाल, 1 किलो चीनी और एक लीटर खाद्य तेल शामिल था. यह लाभार्थियों को मात्र 100 रुपये में वितरित की गई थी. इसके अलावा 2023 में गुड़ी पड़वा, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती, गौरी-गणपति और दिवाली के अवसर पर वितरित की गई थी. साथ ही 2024 में अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन और छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर भी सरकार ने 'आनंदचा शिधा' किट वितरित की थीं.
शिव भोजन थाली योजना भी संकट में राज्य सरकार की गरीबों को राहत देने वाली एक और योजना 'शिव भोजन थाली' जिसमें 5 रुपए में भरपेट खाना दिया जाता है, वह भी बंद होने की कगार पर है. इस योजना को चालू रखने के लिए 140 करोड़ रुपये की जरूरत है, जबकि सरकार ने सिर्फ 20 करोड़ रुपये ही खाद्य आपूर्ति विभाग को दिए हैं.
क्या बोले छगन भुजबल? छगन भुजबल ने कहा कि शिव भोजन योजना फिलहाल चालू है. मैं सभी विक्रेताओं से अनुरोध करता हूं कि वे थालियों की संख्या में हेरफेर न करें, यह योजना के भविष्य को प्रभावित कर सकती है.

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