
'लगा बस मरने वाला हूं, इस आंख में रोशनी नहीं...', जज के सामने सलमान रुश्दी ने याद किया चाकूबाज का एक-एक पैंतरा
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कोर्ट रुम में सलमान रुश्दी ने आखों पर लगा चश्मा लगाया. दाहिनी आंख की ओर इशारा किया और कहा- आप देख सकते हैं कि यहां क्या बचा है, इस आंख में कोई रोशनी नहीं बची है. अटैकर के 15 चाकू झेलने वाले रुश्दी ने गवाही देते हुए कहा एक समय मुझे ऐसा लगा कि बस अब मरने वाला हूं.
न्यूयॉर्क की एक अदालत. जज के सामने खड़े हैं मशहूर लेखक सलमान रुश्दी. कोर्ट के ही एक कोने में खड़ा है 26 साल का हादी मतार. ये वो शख्स है जिस पर सलमान रुश्दी पर 15 बार छूरा घोंपने का आरोप है. इस हमले ने उनकी आंख की रोशनी छीन ली.
अदालत में रुश्दी ने जज के सामने अपनी आंखों पर लगा काला चश्मा हटाया और जज की ओर मुखातिब होकर बोले- "आप देख सकते हैं कि यहां क्या बचा है, इस आंख में कोई रोशनी नहीं बची है."
12 अगस्त 2022 को न्यूयॉर्क देहात में एक टॉक शो के दौरान हुए अटैक के बाद सलमान रुश्दी पहली बार अपने हमलावर के साथ आमने-सामने थे.
अपनी प्रसिद्ध और विवादास्पद पुस्तक 'द सैटेनिक वर्सेज' के लिए दशकों तक चर्चा में रहे लेखक सलमान रुश्दी ने जज के सामने उस दिन की पूरी कहानी पेश की.
डार्क सूट, सफेद कमीज और ग्रे टाई पहने हुए कोर्ट में मौजूद सलमान रुश्दी ने कहा, "मुझे लगा था कि यह व्यक्ति मेरे दाहिनी ओर से मेरी ओर तेजी से आ रहा है. उसने मुझे बहुत ज़ोर से मारा. शुरू में मुझे लगा कि उसने मुझे मुक्का मारा है. मुझे लगा कि वह मुझे अपनी मुट्ठी से मार रहा है. लेकिन कुछ ही देर बाद मैंने देखा कि मेरे कपड़ों पर बहुत ज़्यादा खून बह रहा था और उस समय तक वह मुझे बार-बार मार रहा था. चाकू से वार कर रहा था, काट की कोशिश कर रहा था."
रुश्दी की ये गवाही न्यूयॉर्क मेविले के कोर्ट में चली. जो चॉटोक्वा इंस्टीट्यूशन से कुछ किलोमीटर दूर उत्तर में है, जहां 12 अगस्त, 2022 को उन पर हमला हुआ था.

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