
रेप की सजाः जेल में पूरे हुए आसाराम के दस साल... जमानत न मिलने से हुआ बुरा हाल
AajTak
अब आसाराम की उम्र 82 साल है. आसाराम दस साल सलाखों के पीछे गुजार चुके हैं और कई बार आसाराम ने अपनी उम्र को हथियार बनाते हुए भी अदालतों से जमानत, रिहाई और पेरोल की मांग की है. मगर, अदालतों ने उन पर कोई रहम नहीं दिखाया.
Rape Convict Asaram Bapu: आज से ठीक 10 साल पहले आसाराम बापू को गिरफ्तार किया गया था. एक वो दिन था और आज का दिन, पिछले दस वर्षों से आसाराम बापू जेल में है. यानी ये कैद का दसवां साल है और फिलहाल, दूर-दूर तक उनकी रिहाई की कोई उम्मीद नहीं है. तो आइए आपको बताते हैं, जेल में आसराम बापू के इन दस वर्षों की कहानी.
120 महीने और ज़मानत की 15 अर्जी 120 महीने यानी पूरे दस साल. हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक 15 बार से ज़्यादा ज़मानत की अर्ज़ियां लगाई गईं. राम जेठमलानी, सुब्रमण्यम स्वामी और सलमान खुर्शीद जैसे धुरंधर वकील कानून के अखाड़े में उतारे गए, लेकिन फिर भी बाबा के लिए जोधपुर सेंट्रल जेल का दरवाज़ा नहीं खुला.
31 अगस्त 2013 यही वो दिन था, जब आसाराम बापू की गिरफ्तारी हुई थी. तब से जेल के बाहर की खुली हवा बापू को फिर कभी नसीब नहीं हुई. हालांकि, इस दौरान जोधपुर सेंट्रल जेल का दरवाजा कई बार खुला. कई कैदी जेल से रिहा हो गए. यहां तक कि इस जेल में सलमान खान जैसे सेलिब्रिटी भी बाबा के रहते हुए अंदर आए और तीन दिन में ही बाहर आ गए, जिन्हें लेकर बापू अक्सर शिकायत करते रहते थे.
नाबालिग बच्ची से किया था बलात्कार आसाराम बापू का मानना है कि सलमान जैसा आना भी कोई जेल आना है. पता ही नहीं चलता कि कब आए और कब गए. यहां 15 से ज्यादा कोशिशों के बाद भी ज़मानत नहीं मिली. जिंदगी की उम्मीदों ने दम तोड़ दिया. अब ले-देकर आखिरी उम्मीद गुजरात हाई कोर्ट पर टिकी है, जहां आसाराम बापू ने अपनी सजा की बर्खास्तगी के लिए रिट लगाई है.
मगर, इसका फैसला कब आएगा, ये कोई नहीं जानता. आसाराम बापू जोधपुर जेल में इसलिए हैं क्योंकि उन पर इलज़ाम है कि उन्होंने वहीं एक नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार किया था.
82 साल के हैं आसाराम बापू आसाराम का जन्म 17 अपैल 1941 को हुआ था. इस हिसाब से उनकी उम्र 82 साल की बनती है. आसाराम इन 82 सालों में दस साल सलाखों के पीछे गुजार चुके हैं और कई बार आसाराम ने अपनी उम्र को हथियार बनाते हुए भी अदालतों से जमानत, रिहाई और पेरोल की मांग की है. मगर, अदालतों ने उन पर कोई रहम नहीं दिखाया.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.









