
राहुल गांधी जिंदाबाद...कहते ही चरमराकर टूटा मंच, जमीन पर आ गिरे कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता
AajTak
Rahul Gandhi News:
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द करने के खिलाफ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयोजित एक सभा में मंच गिर जाने से अफरातफरी मच गई. बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं के मंच पर चढ़ जाने की वजह से यह हादसा हुआ. इसी मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत पार्टी के कई विधायक समेत तमाम पदाधिकारी भी मौजूद थे. सभी केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, तभी मंच भरभराकर ढह गया.
दरअसल, राहुल गांधी के समर्थन में देशभर में कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही है. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में भी 'लोकतंत्र बचाओ' रैली निकालकर विरोध जताया जा रहा है. राजधानी रायपुर में गांधी मैदान से आजाद चौक तक कांग्रेसियों ने मशाल रैली निकाली. जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. वहीं, बिलासपुर में भी रैली के दौरान स्वागत के लिए बने मंच पर चढ़े कुछ नेताओं को ही भाषण देना था, लेकिन अतिउत्साह में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और पदाधिकारी पार्टी चढ़ गए और ओवर लोड होते ही मंच चरमराकर टूट गया. देखें Video:-
गनीमत यह रही कि मंच टूटने से गिरे नेताओं और कार्यकर्ताओं को कोई ज्यादा चोट नहीं आई. हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. यहां एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया. हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि जब रैली निकालने के दौरान कांग्रेसियों ने लापरवाही दिखाई हो, इससे पहले भी एक विरोध प्रदर्शन के दौरान जगदलपुर में आधा दर्जन से ज्यादा कांग्रेसी नेता आग में झुलस गए थे.
गौरतलब है कि गुजरात के सूरत की एक अदालत ने एक आपराधिक मानहानि के मुकदमे में राहुल गांधी को दोषी करार देते हुए 2 साल के कारावास की सजा सुनाई थी. जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 के मुताबिक, दो साल की जेल की सजा मिलने पर सांसद या विधायक अपनी सदस्यता से दोषसिद्धि की तारीख से अयोग्य हो जाता है.
हालांकि, अदालत ने कांग्रेस नेता को उसी दिन जमानत भी दे दी थी. साथ ही उनकी सजा के अमल पर 30 दिन के लिए रोक लगा दी थी ताकि वह ऊपरी कोर्ट में अपील दाखिल कर सकें. उधर, कोर्ट की तरफ से दोषी ठहराए जाने के बाद लोकसभा सचिवालय ने 24 मार्च को एक अधिसूचना जारी कर राहुल गांधी को संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया था.
(रिपोर्ट: मनीष शरण)

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









