'राहुल गांधी का भाषण नफरत से भरा था...', कांग्रेस नेता पर बीजेपी ने साधा निशाना
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दिल्ली के रामलीला मैदान में महंगाई के खिलाफ 'हल्ला बोल रैली' में राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. अब इसको लेकर बीजेपी कांग्रेस नेता पर हमलावर हो गई है. बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने निशाना साधते हुए कहा कि आज एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन था.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में महंगाई के खिलाफ 'हल्ला बोल रैली' में पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. वहीं अब इसको लेकर बीजेपी कांग्रेस नेता पर हमलावर हो गई है. बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन था.
पात्रा ने कहा, "आज राहुल गांधी ने वही किया जो वो करते आए हैं. 2014 के बाद से यह एक ही स्क्रिप्ट है और उन्होंने आज भी इसे ही पढ़ा है. राहुल और जिम्मेदारी साथ-साथ चलती है. उन्होंने एक अपरिपक्व भाषण दिया. उन्होंने कहा कि देश नफरत से भरा है. लेकिन जो यह राहुल गांधी का भाषण था, वह नफरत से भरा था. हालांकि उनकी एक बात सही थी कि अगर कोई व्यक्ति डरेगा तो वह नफरत से भर जाएगा."
'...तो उन्हें इस रैली का सहारा लेना पड़ा'
उन्होंने कहा, "जाहिर है वह और उनका परिवार नेशनल हेराल्ड केस को लेकर डरा हुआ है. यह रैली परिवार बचाओ रैली थी. आज जब गांधी परिवार को एहसास हुआ कि उनके अच्छे दिन खत्म हो गए हैं तो उन्हें इस रैली का सहारा लेना पड़ा. आप कांग्रेस को अपने सदस्यों के साथ नहीं बांट सकते. म्यूजिकल चेयर की तरह सिर्फ सोनिया जी और राहुल गांधी ही पार्टी के अध्यक्ष बन रहे हैं. आज एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन था. विपक्ष के नेता और एक सांसद ने आज एक दुर्भाग्यपूर्ण बयान दिया है."
'न्यायपालिका राहुल गांधी के बयानों पर स्वत: संज्ञान लें'
संबित पात्रा ने कहा, "उन्होंने (राहुल गांधी) कहा कि मीडिया और न्यायपालिका बिक चुकी है. यह आश्चर्यजनक है कि आज जिस भाषा का राहुल गांधी ने इस्तेमाल किया, वह बेहद गलत थी. मैं सुप्रीम कोर्ट से मांग करता हूं कि इसे अदालत की अवमानना के रूप में लिए जाए और न्यायपालिका राहुल गांधी के बयानों पर स्वत: संज्ञान लें. पीएम मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भारत को पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं के रूप में गिना जाता था, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में हम मीलों आगे आ गए हैं. आपने चीन और पाकिस्तान के बारे में बात की है. चाचा नेहरू ने कितनी जमीन दी है, मैं उस तरह की राजनीति में नहीं जाना चाहता. आप सर्जिकल स्ट्राइक को हतोत्साहित करते हैं और अपने राजदूत मणिशंकर अय्यर को भेजते हैं, जो विदेश में पीएम को हटाने की बात करते हैं."

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