
राष्ट्रपति चुनाव में अपनी उम्मीदवारी पर क्या बोले शरद पवार ?
AajTak
देश में 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव है. कांग्रेस शरद पवार को राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष का उम्मीदवार बनाने के पक्ष में है. इसी क्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे ने शरद पवार से मुलाकात भी की थी. हालांकि, शरद पवार ने साफ कर दिया कि वे इसके पक्ष में नहीं हैं.
एनसीपी प्रमुख शरद पवार विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने के पक्ष में नहीं हैं. शरद पवार ने एनसीपी नेताओं के साथ बैठक में साफ कर दिया कि वे विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं हैं.
18 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है. अभी तक एनडीए और विपक्ष की ओर से कोई भी उम्मीदवार घोषित नहीं हुआ है. हालांकि, काग्रेस शरद पवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार बनाने पर जोर दे रही है.
पवार ने कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के बाद एनसीपी नेताओं से साफ कर दिया कि वे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने के इच्छुक नहीं हैं. शरद पवार ने कहा, मैं रेस में नहीं हूं. मैं विपक्ष का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नहीं बनूंगा.
प्रशांत किशोर भी दे चुके प्रस्ताव
यह पहला मौका नहीं है, जब शरद पवार को लेकर इस तरह की चर्चा हुई हों. इससे पहले प्रशांत किशोर ने पिछले साल ऐसा ही प्रस्ताव दिया था. हालांकि, पवार ने उस वक्त भी इस तरह के कदम को सिरे से खारिज कर दिया था. एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा था कि गुलाम नबी आजाद को विपक्ष के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने पर भी चर्चा हुई है.
कांग्रेस-शिवसेना पवार को उम्मीदवार बनाने के पक्ष में

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.

आज ईरान-अमेरिका युद्ध का 24 वां दिन है. आज युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर और इनर्जी के ठिकानों पर हमले नहीं होंगे. ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को युद्ध की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ईरान की तरफ से अमेरिकी के साथ किसी तरह की बातचीत का खंडन किया गया है, ईरान का यही दावा है कि उनकी धमकी के डर से अमेरिकी राष्ट्रपति झुक गए. अब सवाल यही है क्या ट्रंप के सीजफायर से युद्ध रुक जाएगा.

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. वह पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान की आड़ में काम कर रहा था. गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था, जिसके बदले 4-6 हजार रुपये मिलते थे. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. पुलिस जांच जारी है.

राजकोट में एक डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर निजी वीडियो रिकॉर्ड कर 25 लाख रुपये की उगाही के मामले में पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने 3000 से ज्यादा वीडियो बनाकर स्थानीय पत्रकारों के जरिए ब्लैकमेल किया. राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.








