
राष्ट्रपति के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव में भी सनी देओल ने नहीं डाला वोट, कहां हैं गुरदासपुर के BJP सांसद?
AajTak
अभिनेता से नेता बने सनी देओल पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर गुरदासपुर सीट से चुनाव मैदान में उतरे सनी ने कांग्रेस के उम्मीदवार रहे दिग्गज नेता सुनील जाखड़ को 82459 वोट के भारी-भरकम अंतर से हराया था. सनी देओल ने राष्ट्रपति चुनाव में मतदान नहीं किया था और अब वे उपराष्ट्रपति के लिए हुई वोटिंग से भी नदारद रहे.
देश में राष्ट्रपति और उसके बाद अब उपराष्ट्रपति पद के लिए भी चुनाव हो गया है. दोनों चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. मगर, इन दोनों चुनाव में अभिनेता से नेता बने सनी देओल ने मतदान नहीं किया. वे दोनों चुनाव के वक्त वोटिंग से दूर रहे. ऐसे में चर्चा तेज हो गई है कि जब बीजेपी एक-एक वोट को लेकर काफी गंभीर थी, सांसद सनी देओल ने वोटिंग में हिस्सा क्यों नहीं लिया?
सनी देओल पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद हैं. उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रहे दिग्गज नेता सुनील जाखड़ को 82459 वोट के भारी-भरकम अंतर से हराया था. सनी देओल को 5 लाख 58 हजार 719 और सुनील जाखड़ को 4 लाख 76 हजार 260 वोट मिले थे. हालांकि, पंजाब में विधानसभा चुनाव के बाद सुनील जाखड़ भी बीजेपी में शामिल हो चुके हैं.
पीठ में चोट लगने से ऑपरेशन कराने अमेरिका गए सनी
लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद सनी देओल पर अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि वे अपने संसदीय क्षेत्र में समय नहीं दे रहे हैं. उनकी संसद में भी कम उपस्थिति देखने को मिलती है. पिछले साल गुरदासपुर में सनी के लापता वाले पोस्टर भी लगाए गए थे. हाल ही में 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव में भी सनी देओल वोट नहीं दे पाए थे. ANI के मुताबिक, सनी देओल एक शूटिंग के दौरान पीठ में चोट लगने की वजह से घायल हो गए थे. वे सर्जरी कराने के लिए अमेरिका गए हैं. अब कहा ये जा रहा है कि विदेश में होने की वजह से वे वोटिंग में शामिल नहीं हो सके हैं.
सनी की आमदनी फिल्मों से है: निजी सहायक
सनी देओल के संसदीय क्षेत्र गुरदासपुर में सांसद ग्राम योजना के तहत गांव भोपर सेदा को गोद लेने की प्रक्रिया के मौके पर भी अनुपस्थित रहे. 22 जुलाई को आयोजित हुए इस कार्यक्रम में सनी के निजी सहायक पंकज शर्मा ने औपचारिकताएं पूरी कीं. सांसद सनी देओल के निजी सहायक पंकज शर्मा ने कहा कि सांसद के पास समय नहीं है. उन्होंने कहा कि सनी देओल की आमदनी फिल्मों से है. सांसद बनना उनके लिए एक सेवा है, इसलिए वह फिलहाल अपने काम में व्यस्त हैं. उन्होंने ये भी कहा कि सनी देओल राष्ट्रपति चुनाव के वक्त विदेश में थे, व्यस्तता के चलते नहीं आ पाए.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









