
राजस्थान-पंजाब के बाद झारखंड में कांग्रेस के लिए संकट, 4 विधायकों के बागी तेवर
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अब ये शिकायत सीधे कांग्रेस झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह और राष्ट्रीय सचिव के वेणुगोपाल को बताई गई है. दोनों ही नेताओं से मुलाकात हो चुकी है और साफ कर दिया है कि इस समय ना संगठन की तरफ से कोई सुनवाई है और ना ही सरकार कोई तवज्जो दे रही है.
चुनावी हार की वजह से मुश्किलों में फंसी कांग्रेस पार्टी अब अंदरूनी लड़ाई से भी जूझती दिख रही है. राजस्थान, पंजाब के बाद अब झारखंड में भी कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी हो रही है. वहां भी कार्यकर्ता नाराज हैं और पार्टी के सामने अपनी शिकायत रख रहे हैं. बताया गया है कि कांग्रेस के चार विधायकों ने बागी तेवर अपना लिए हैं और जोर देकर कह रहे हैं कि पार्टी के कार्यकर्ता असहाय और कमज़ोर महसूस कर रहे हैं.
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AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









