
राजकोट: गाड़़ी टकराने को लेकर विवाद, मारपीट में दो सगे भाई समेत तीन की मौत, चार गिरफ्तार
AajTak
राजकोट के आंबेडकरनगर में काली चौदस की रात वाहन टकराने पर दो गुटों के बीच झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई. मृतकों में दो भाई और सामने वाले पक्ष का एक युवक शामिल है. पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और घायल रमन बारोट सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.
राजकोट में काली चौदस की रात शहर में खून की होली खेली गई. आंबेडकरनगर गोंडल रोड पर वाहन टकराने जैसी मामूली बात पर दो गुटों के बीच हुई झड़प में तीन लोगों की हत्या हो गई. मृतकों में दो सगे भाई और सामने वाले पक्ष का एक युवक शामिल है. घटना के बाद शहर में सनसनी फैल गई.
यह पूरी घटना रात करीब साढ़े 12 बजे हुई. अरुण बारोट अपने भाई रमन बारोट के साथ कार में बाहर निकले थे. तभी विजय परमार और सुरेश परमार के घर आए मेहमान के टू-व्हीलर से उनकी कार टकरा गई. इस बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो जल्दी ही मारपीट में बदल गई. अरुण और उसके साथ आए लोग चाकू और बैट से हमला करने लगे. सुरेश और विजय ने भी जवाबी हमला किया.
मामूली बात कर ट्रिपल मर्डर
इस झड़प में विजय और सुरेश परमार की मौत हो गई, जबकि अरुण बारोट भी मारा गया. उसका भाई रमन बारोट गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस ने 4 आरोपियों को अरेस्ट किया
एसीपी भरत बसिया ने बताया कि पुलिस ने जगदीश चौहान, मनीष खीमसूरिया, किशन मकवाणा और यश मकवाणा को गिरफ्तार किया है. रमन बारोट को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गिरफ्तार किया जाएगा. अन्य फरार आरोपियों की तलाश में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस लगातार जांच कर रही है. जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.











