
राजकोट एयरपोर्ट पर भी दिल्ली जैसी दुर्घटना, भारी बारिश से ढह गई पिकअप एरिया की Canopy
AajTak
नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर हुई दुखद घटना के एक दिन बाद भारी बारिश के बीच गुजरात के राजकोट हवाई अड्डे पर लगी कैनोपी (छतरी) गिर गई.
राजकोट अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया. यहां भी दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 जैसी दुर्घटना होते-होते बच गई. हीरासर स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर टर्मिनल के बाहर पैसेंजर पिकअप-ड्रॉप एरिया में ऊपर लगी कैनोपी ढह गई. गनीमत रहा कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ. पीएम मोदी ने जुलाई 2023 में राजकोट एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण किया था. इस एयरपोर्ट का 1400 करोड़ से ज्यादा की लागत से विस्तार हुआ था.
इससे एक दिन पहले दिल्ली हवाईअड्डे के टर्मिनल 1 पर इसी तरह की घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई थी और कुछ अन्य घायल हो गए थे. मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण गुजरात के ऊपर साइक्लोनिक सिस्टम सक्रिय है, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में व्यापक बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने यह भी कहा कि अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा. आईएमडी ने साउथ गुजरात के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है.
VIDEO | Canopy collapses at the passenger pickup and drop area outside #Rajkot airport terminal amid heavy rains. (Source: Third Party) pic.twitter.com/gsurfX2O1S
जबलपुर में डुमना हवाई अड्डे के नव विस्तारित टर्मिनल की कैनोपी का भी एक हिस्सा गुरुवार को भारी बारिश के कारण टूट गया था. इस घटना में कैनोपी के नीचे खड़ी एक सरकारी अधिकारी की कार क्षतिग्रस्त हो गई थी. तीन महीने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हवाईअड्डे का उद्घाटन किया था.

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.

आज ईरान-अमेरिका युद्ध का 24 वां दिन है. आज युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर और इनर्जी के ठिकानों पर हमले नहीं होंगे. ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को युद्ध की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ईरान की तरफ से अमेरिकी के साथ किसी तरह की बातचीत का खंडन किया गया है, ईरान का यही दावा है कि उनकी धमकी के डर से अमेरिकी राष्ट्रपति झुक गए. अब सवाल यही है क्या ट्रंप के सीजफायर से युद्ध रुक जाएगा.

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. वह पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान की आड़ में काम कर रहा था. गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था, जिसके बदले 4-6 हजार रुपये मिलते थे. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. पुलिस जांच जारी है.

राजकोट में एक डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर निजी वीडियो रिकॉर्ड कर 25 लाख रुपये की उगाही के मामले में पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने 3000 से ज्यादा वीडियो बनाकर स्थानीय पत्रकारों के जरिए ब्लैकमेल किया. राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.








