
रांची हिंसा में घायल युवक को छह गोलियां लगने की बात सरासर अफवाह, ... बोले RIMS के डॉक्टर
AajTak
Ranchi Violence: बीते दिनों जुमे की नमाज के बाद बीजेपी से निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान को लेकर प्रदर्शन के दौरान रांची में हिंसा हो गई थी. इस दौरान कई लोग घायल हो गए थे. इस दौरान एक घायल युवक को छह गोलियां लगने की बात को डॉक्टरों ने अफवाह बताया है.
Ranchi Violence: झारखंड के रांची में 9 जून को जुमे की नमाज के बाद सड़कों पर उपद्रवी तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया था. इस दौरान हिंसा में करीब 24 लोग घायल हो गए थे. एक व्यक्ति को 6 गोलियां लगने की बातों का खंडन करते हुए डॉ. हिरेन बिरूआ ने कहा कि एक घायल को छह गोली लगने की बात सरासर अफवाह है, इसमें कोई भी सच्चाई नहीं है. आजतक से उन्होंने फोन पर बात करते हुए कहा कि घायल का Interview करने वालों को डॉक्टर से क्रॉस चेक करना चाहिए. अगर किसी को 6 गोलियां लगेंगी तो वो बात करने की स्थिति में कैसे होगा.
रांची हिंसा के घायलों को लेकर रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक हिरेन बिरूआ, चिकित्सा उपाधीक्षक डॉ. शैलेश त्रिपाठी और पीआरओ डॉ. कृष्ण मुरारी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press conference regarding injured) की. चिकित्सा अधीक्षक हिरेन बिरूआ (RIMS Dean Hiren Birua) ने कहा कि शुक्रवार को हुई हिंसक झड़प में कुल 13 लोगों को भर्ती किया गया था. इनमें से तीन को इमरजेंसी विभाग में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, वहीं तीन की स्थिति गंभीर थी. इलाज के दौरान दो लोगों की मौत शुक्रवार को हो गई थी. मृतकों में मोहम्मद मुद्दसिर उर्फ कैफी और साहिल शामिल हैं. दोनों के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में किया गया. उन्होंने कहा कि फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है.
एक घायल की हालत गंभीर, आईसीयू में चल रहा इलाज
चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि नदीम के गले में गोली लगी थी, जिस वजह से सिर में खून का थक्का जम गया था. फिलहाल नदीम अंसारी का इलाज रिम्स के न्यू ट्रामा सेंटर के आईसीयू में चल रहा है. नदीम वेंटिलेटर पर है और उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है. घटना में घायल अन्य 7 लोगों का भी रिम्स में इलाज किया जा रहा है. इनमें 25 वर्षीय मोहम्मद अफसर, 29 वर्षीय सरफराज, 24 वर्षीय मोहम्मद तबारक, 17 वर्षीय मोहम्मद उस्मान, 28 वर्षीय साबिर अंसारी, 26 वर्षीय शाहबाज शामिल हैं. जैप-3 के 35 वर्षीय जवान अखिलेश कुमार के पांव में गोली लगी थी, जिसे निकाल दिया गया है. पैर में फ्रैक्चर था, जिसका इलाज कर दिया गया है. अखिलेश खतरे से बाहर हैं. चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि मोहम्मद अफसर की लेफ्ट साइड की जांघ में छर्रा फंसा हुआ है, जबकि मोहम्मद सरफराज के कमर के पीछे के हिस्से में छर्रा फंसा है. जांच में इसकी पुष्टि हुई है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









