
युवाओं को हर महीने 3500 बेरोजगारी भत्ता, महिलाओं को 3000 रुपए की आर्थिक सहायता, JK चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणा पत्र
AajTak
पार्टी ने घोषणापत्र में सेब के लिए 72 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और जम्मू-कश्मीर में सभी फसलों के लिए 100 फीसदी बीमा का भी वादा किया. इसके अलावा योग्य युवाओं को एक वर्ष के लिए हर महीने 3,500 रुपए तक का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा.
कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया. कांग्रेस पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा श्रीनगर में अन्य कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में जारी घोषणापत्र में कांग्रेस ने सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक आयोग के गठन का आश्वासन दिया. पार्टी ने घोषणापत्र में सेब के लिए 72 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और जम्मू-कश्मीर में सभी फसलों के लिए 100 फीसदी बीमा का भी वादा किया. इसके अलावा योग्य युवाओं को एक वर्ष के लिए हर महीने 3,500 रुपए तक का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा.
घोषणापत्र में कहा गया, 'भूमिहीन किसानों को 4,000 रुपये मासिक सहायता मिलेगी. हमारा लक्ष्य रूढ़िवादी और कट्टरपंथियों की ताकतों को हराना है, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन या हमारे संविधान के निर्माण में कोई योगदान नहीं दिया और जिनका एकमात्र उद्देश्य हमारी सहस्राब्दी विरासत और समग्र राष्ट्रीयता को नष्ट करना है. इसमें कहा गया, विभाजनकारी ताकतों से लड़ना हमारा कर्तव्य है. कांग्रेस पार्टी को इस लक्ष्य के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ सहयोग करने में कोई कठिनाई नहीं है.'
जम्मू और कश्मीर में 18 सितंबर से तीन चरणों में मतदान होगा. अन्य दो चरण 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को होंगे. नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे.
घोषणापत्र की मुख्य बातें योग्य युवाओं को एक वर्ष के लिए हर महीने 3,500 रुपए तक का बेरोजगारी भत्ता. हर परिवार की मुखिया महिला को 3000 रुपए की आर्थिक सहायता. जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक को 30 मिनट के अंदर स्वास्थ्य सुविधाएं और 15 लाख का बीमा कवर. भूमिहीन परिवारों को 4000 रुपए प्रतिमाह. किसानों के लिए सभी फसलों का 100 फीसदी बीमा. पर्यटन को बढ़ावा. जम्मू-कश्मीर सरकार बनने के 100 दिन के अंदर अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया जाएगा. ओबीसी के लिए विशेष उत्थान.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









