
'यही खत्म नहीं हो, अभी तो ये शुरुआत...', आतंकियों के लिए क्या सजा चाहती हैं विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी
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पहलगाम के आतंकी हमले में मारे गए नौसेना अधिकारी विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी ने कहा कि मैं सरकार की शुक्रगुजार हूं, लेकिन मैं अनुरोध करती हूं कि यह सिर्फ एक जवाबी कार्रवाई बनकर न रह जाए. जब तक आतंकवाद का समूल नाश नहीं हो जाता, तब तक इसे रोका नहीं जाना चाहिए. यह तो सिर्फ शुरुआत है. मैं नहीं चाहती कि कोई और उस पीड़ा से गुज़रे जिससे मैं गुजर रही हूं.
ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ले लिया है. देशभर में इसकी सराहना हो रही है. हर ओर भारतीय सेना के साहस और केंद्र सरकार के संकल्प की जय-जयकार सुनाई दे रही है. इस बीच, पहलगाम के आतंकी हमले में मारे गए नौसेना अधिकारी विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल ने सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की जमकर सराहना की. साथ ही उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकनी चाहिए, बल्कि तब तक जारी रहनी चाहिए जब तक आतंकवाद पूरी तरह समाप्त न हो जाए.
हिमांशी ने कहा कि मैं सरकार की शुक्रगुजार हूं, लेकिन मैं अनुरोध करती हूं कि यह सिर्फ एक जवाबी कार्रवाई बनकर न रह जाए. जब तक आतंकवाद का समूल नाश नहीं हो जाता, तब तक इसे रोका नहीं जाना चाहिए. यह तो सिर्फ शुरुआत है. मैं नहीं चाहती कि कोई और उस पीड़ा से गुज़रे जिससे मैं गुजर रही हूं.
मुंहतोड़ जवाब दिया
उन्होंने आगे कहा कि हमारी सेना और मोदी सरकार ने आतंकियों और उनके आकाओं को मुंहतोड़ जवाब देकर यह साबित कर दिया है कि हमने जो दर्द सहा, अब उसका एहसास पाकिस्तान को भी हो गया होगा. 22 अप्रैल को हुए भयावह हमले को याद करते हुए हिमांशी की आंखें भर आईं. उन्होंने बताया कि मैंने आतंकियों से गुहार लगाई थी कि मेरी शादी को सिर्फ छह दिन हुए हैं, हम पर रहम करो. लेकिन उनका जवाब था मोदी जी से जवाब लेना. और आज मोदी जी और हमारी सेना ने जवाब दे दिया है. हमें संतोष है कि हमारे विनय और अन्य 26 निर्दोष नागरिकों की शहादत बेकार नहीं गई. हिमांशी ने बताया कि विनय का सपना था कि देश में शांति बनी रहे, निर्दोषों की जान न जाए और नफरत व आतंक के लिए भारत में कोई जगह न हो. उन्होंने नौसेना सिर्फ इसलिए जॉइन की थी कि देशवासी सुरक्षित रहें.
सशक्त और निर्णायक कार्रवाई : पिता राजेश नरवाल
विनय के पिता राजेश नरवाल ने कहा कि अब 22 अप्रैल जैसे नरसंहार को अंजाम देने से पहले आतंकी सौ बार सोचेंगे. जब यह हमला हुआ था, तब मीडिया ने मुझसे पूछा था कि सरकार से क्या उम्मीद है. मैंने कहा था कि मुझे सरकार पर भरोसा है. और आज सरकार ने उस भरोसे को पूरी तरह सार्थक कर दिखाया है. ये कार्रवाई उनके मन में हमेशा गूंजेगी. जब उनसे इस सैन्य अभियान के नाम पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एकदम सटीक और भावनात्मक नाम है. यह हर उस मांग का जवाब है जो हमने विनय की शहादत के बाद सरकार से की थी.

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