
मोदी या केजरीवाल...दिल्ली के बिल पर INDIA और NDA में तटस्थ पार्टियां किसके साथ?
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दिल्ली में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर बिल पर वाईएसआर कांग्रेस, बीजू जनता दल, तेलगु देशम पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भी अपना रुख साफ कर दिया है. ये वो दल हैं जो न तो सत्ताधारी गठबंधन में शामिल हैं और ना ही विपक्षी गठबंधन में. किस दल का क्या रुख है?
केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर पावर वॉर अब संसद के पटल पर है. संसद के चालू मॉनसून सत्र में दिल्ली (संशोधन) विधेयक सरकार ने पेश कर दिया है. दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के साथ ही 26 विपक्षी दलों का गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (I.N.D.I.A.) इस विधेयक का विरोध कर रहा है. इस बिल पर लोकसभा में गुरुवार को चर्चा हो सकती है.
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आम आदमी पार्टी के नेता इस विधेयक को राज्यसभा में रोक लेने का विश्वास व्यक्त कर रहे हैं लेकिन संख्याबल के लिहाज से देखें तो ये विश्वास बस उम्मीद ही नजर आ रहा है. आम आदमी पार्टी को उन दलों के समर्थन की भी उम्मीद थी जो न तो विपक्षी गठबंधन में हैं, ना ही भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में.
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ताजा तस्वीर ये है कि कोई दल बिल के विरोध में आम आदमी पार्टी के साथ आया तो कोई बिल के समर्थन में हो लिया. राज्यसभा में मौजूदगी रखने वाली आठ तटस्थ पार्टियों में कौन सा दल बिल के पक्ष में है, कौन विपक्ष में और किसने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, आइये जानते हैं.
इन दलों के रुख पर टिकी थी AAP की आस

दिल्ली के रूप नगर में 33 साल पुराना लोहे का फुट ओवरब्रिज मंगलवार सुबह गिर गया, जिसमें एक महिला की जान चली गई. यह पुल पहले से ही असुरक्षित घोषित था और जुलाई 2025 से बंद था, फिर भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे. सिंचाई मंत्री परवेश साहिब सिंह ने हादसे की जांच के लिए 3 सदस्यों की कमेटी बनाई है और 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है. साथ ही दिल्ली के सभी पुराने पुलों की जांच के आदेश दिए गए हैं.












