
'मोदी पर निजी हमले कर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा विपक्ष', लालू यादव के बयान पर बोले उमर अब्दुल्ला
AajTak
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि विपक्ष को निजी टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए बल्कि जनता के मुद्दे उठाने चाहिए. चौकीदार, अडानी-अंबानी, राफेल, परिवार- पीएम मोदी के खिलाफ ये सब मुद्दे काम नहीं करते हैं.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमले विपक्ष के लिए उलटे पड़ते हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के परिवार के बारे में टिप्पणी करके विपक्षी दल सेल्फ गोल कर रहे हैं. उन्होंने उपरोक्त बातें राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव द्वारा प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर तंज कसने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहीं. उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में 'चौकीदार चोर है' का नारा दिया गया था, जो विपक्ष को ही उल्टा पड़ गया था. बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस विपक्ष के 'इंडिया गुट' का हिस्सा है.
उमर अब्दुल्ला ने मीडिया कर्मियों से कहा, 'मैं कभी भी ऐसे नारों के पक्ष में नहीं था और न ही इनसे हमें कोई फायदा होता है. दरअसल, जब हम ऐसे नारे लगाते हैं तो इसका विपरीत असर होता है, इससे हमें ही नुकसान होता है. मतदाता इन नारों से संतुष्ट नहीं हैं, वह जानना चाहते हैं कि आज उसके सामने जो समस्याएं हैं उनका समाधान कैसे किया जाएगा. वे रोजगार, कृषि संकट से निपटने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फिर से सक्रिय करने के तरीके बारे में जानना चाहते हैं. मतदाता किसी का परिवार है या नहीं इस बारे में नहीं जानना चाहते'.
'हमने पीएम मोदी को खुला गोल पोस्ट दे दिया'
पीएम के परिवार को लेकर लालू यादव के हालिया बयान का जिक्र करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'अब, हमने उन्हें (मोदी को) एक खुला गोल पोस्ट दे दिया है. उन्होंने यह कहकर मौके का फायदा उठाया है कि मोदी उन लोगों का है जिनका कोई नहीं है. इसका अब हमारे पास कोई जवाब नहीं है. मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि हमें ऐसी निजी राजनीति नहीं करनी चाहिए बल्कि जनता के मुद्दे उठाने चाहिए. चौकीदार, अडानी-अंबानी, राफेल, परिवार- पीएम मोदी के खिलाफ ये सब मुद्दे काम नहीं करते हैं'.
आगामी लोकसभा चुनावों के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा पीडीपी के लिए कश्मीर घाटी में कोई सीट नहीं छोड़ने और इंडिया ब्लॉक पर इसके प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'परिस्थितियों ने पीडीपी को सीट शेयरिंग से बाहर किया, मेरी पार्टी ने नहीं'. उन्होंने कहा, 'पिछले संसदीय चुनाव में पीडीपी तीसरे नंबर पर आई थी और यह कैसे उचित है कि नंबर एक या नंबर दो वाली पार्टी सीट पर दावा छोड़कर तीसरे नंबर को दे देगी? इसके अलावा, मुझे सीट (दक्षिणी कश्मीर-राजौरी) पर भाजपा का कोई प्रभाव नहीं दिखता है. जहां तक गठबंधन का सवाल है, तो इसे जिंदा रखना हर पार्टी की जिम्मेदारी है'.
'पीडीपी ने NC के साथ गठबंधन धर्म नहीं निभाया'

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









