
'मैं सीनियर लीडर का बेटा होता तो पार्टी पर मेरा कंट्रोल होता', चाचा शरद पवार का नाम लिए बिना बोले अजित पवार
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डिप्टी सीएम ने कहा कि कुछ लोग कभी मंत्री नहीं बने और इसलिए उन पर कभी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे. मेरे पास राज्य की जिम्मेदारी थी, जो लोग काम करते हैं, उन पर आरोप लगना तय है. जो काम नहीं करते, उनका साफ रहना तय है.
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने कहा कि अगर वह 'सीनियर लीडर' के बेटे होते तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के आसानी से अध्यक्ष बन जाते. हालांकि उनके इस बयान पर शरद पवार के वफादार माने जाने वाले पूर्व राज्यमंत्री जितेंद्र आव्हाड ने नाराजगी जताई है. साथ ही कहा कि अजित महाराष्ट्र की राजनीति में इतनी तेजी से नहीं उभर पाते, अगर वह शरद पवार के भतीजे नहीं होते.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पार्टी के एक कार्यक्रम में अजित पवार ने कहा कि उन पर शरद पवार द्वारा स्थापित पार्टी को 'चोरी' करने का आरोप लगाया गया था, लेकिन चुनाव आयोग और महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया. उन्होंने अपना नाम लिए बिना कहा कि अगर मैं वरिष्ठ नेता के घर पैदा हुआ होता तो मैं स्वाभाविक रूप से पार्टी अध्यक्ष बन जाता, बल्कि पार्टी मेरे नियंत्रण में आ जाती. उन्होंने कहा कि चाचाजी मैं भी आपके भाई के घर पैदा हुआ हूं.
अजित ने कहा कि पूरा परिवार उनके खिलाफ है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ता उनके साथ हैं. उन्होंने कहा कि हमें बदनाम किया गया. ऐसा कहा गया कि हमने यह फैसला (भाजपा से हाथ मिलाने का) सिर्फ अपने खिलाफ जांच को रोकने के लिए लिया, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि क्या हर कोई (जो बीजेपी के साथ है) जांच का सामना कर रहा है?
डिप्टी सीएम ने कहा कि कुछ लोग कभी मंत्री नहीं बने और इसलिए उन पर कभी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे. मेरे पास राज्य की जिम्मेदारी थी, जो लोग काम करते हैं, उन पर आरोप लगना तय है. जो काम नहीं करते, उनका साफ रहना तय है. दरअसल, शरद पवार की बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने अपने करियर में अब तक कोई मंत्री पद नहीं संभाला है.
अजित ने आगे कहा कि अगर उन्होंने पार्टी अध्यक्ष के लिए शरद पवार की पसंद का समर्थन किया होता तो उन्हें सराहना मिलती, लेकिन जब मैं पार्टी का प्रमुख बना तो हमें बेकार करार दिया गया. अजित ने कहा कि वह बारामती से ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारेंगे, जिसने पहले कभी चुनाव नहीं लड़ा हो, लेकिन उस व्यक्ति के पास पर्याप्त अनुभव वाले समर्थक होंगे, उन्होंने कहा कि लोगों को उनके उम्मीदवार को वोट देना चाहिए, जैसे कि वह खुद मैदान में हों.

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