
'मेरे बच्चों ने सफेद दाढ़ी-बाल देखकर PM मोदी को दादा मान लिया', उषा वेंस ने सुनाए भारत यात्रा के मजेदार किस्से
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वाशिंगटन में यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट के आठवें एडिशन में बातचीत के दौरान उषा वेंस ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध मेरे लिए बहुत व्यक्तिगत संबंध है, क्योंकि मेरे परिवार के सदस्य भारत में रहते हैं और मेरे कई परिवार के सदस्य अमेरिका में भी रहते हैं. मैं भारत आते-जाते और अपने परिवार के सदस्यों से मिलते हुए बड़ी हुई हूं.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस ने भारत-अमेरिका संबंधों को अपने लिए बहुत ही व्यक्तिगत बताया. उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के संबंधों के लिए एक महान अवसर है, जिनके संबंध समय-समय पर उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं. वाशिंगटन में यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट के आठवें एडिशन में बातचीत के दौरान उषा वेंस ने कहा, 'यह बहुत ही निजी संबंध है, क्योंकि मेरे परिवार के सदस्य भारत में रहते हैं और मेरे कई परिवार के सदस्य अमेरिका में भी रहते हैं. मैं भारत आते-जाते और अपने परिवार के सदस्यों से मिलते हुए बड़ी हुई हूं.'
उन्होंने भारत और अमेरिका के प्रमुख गवर्नमेंट, बिजनेस और कम्युनिटी लीडर्स की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में कहा, 'यह हमेशा से एक ऐसा रिश्ता रहा है जिसे मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत महत्वपूर्ण मानती हूं.' दोनों देशों के बीच संबंधों के बारे में उनके दृष्टिकोण पर पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए अमेरिका की सेकेंड लेडी उषा वेंस ने कहा, 'यह महान अवसर का समय है और मुझे लगता है कि अगर मेरे पति यहां होते, तो वह भी यही बात कहते.'
#WATCH | Washington DC | I think it was a very productive conversation for JD (Vance) and the Prime Minister (Narendra Modi), of course. But also, I think it was a real opportunity for us to kind of cement that personal relationship that they have, which I think is only to the… pic.twitter.com/pzDhXJbTZP
भारत-अमेरिका संबंध मेरे लिए बहुत व्यक्तिगत: उषा वेंस
उन्होंने यूएसआईएसपीएफ के प्रेसिडेंट और जेसी2 वेंचर्स के फाउंडर एंड सीईओ जॉन चैम्बर्स द्वारा आयोजित फायरसाइड चैट के दौरान कहा, 'स्पष्ट रूप से, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच संबंध कई बार उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं... लेकिन अभी, मुझे लगता है, अगले चार वर्षों में और भविष्य में, यहां स्थापित भारतीय-अमेरिकी आबादी है और भारत में बहुत से लोग हैं जो अमेरिका को जानते हैं और यहां के लोगों को जानते हैं, जो महान कार्य कर रहे हैं, जिनके पास महान अवसर हैं.'
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लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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