
'मुझे पप्पू कहते हो तो चुनौती देता हूं...', शिंदे सरकार पर आदित्य ठाकरे का हमला
AajTak
बीएमसी में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आदित्य ठाकरे ने सरकार पर जमकर हमला किया. उन्होंने कहा कि बीएमसी के इतिहास में सड़क ठेकों में इतनी अनियमितताएं कभी नहीं हुईं. करीब 1000 करोड़ रुपये ठेकेदारों की जेब में जाने वाले थे. हम सत्ता में वापस आने पर इस मामले में शामिल सभी लोगों को जेल में डालेंगे. इस दौरान उन्होंने दाढ़ी खुजाकर सीएम एकनाथ शिंदे की नकल की और तंज कसा.
मुंबई में उद्धव ठाकरे गुट ने बीएमसी में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. इसको संबोधित करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि बीएमसी के इतिहास में सड़क ठेकों में इतनी अनियमितताएं कभी नहीं हुईं. सीसी रोड निर्माण के टेंडर में हेरफेर किया गया है. अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए दरें बढ़ाई गईं. करीब 1000 करोड़ रुपये ठेकेदारों की जेब में जाने वाले थे, जिन्हें हमने बचा लिया. हम सत्ता में वापस आने पर इस मामले में शामिल सभी लोगों को जेल में डाल देंगे.
आदित्य ठाकरे ने कहा, 'अगर आप मुझे पप्पू कहते हैं तो ये पप्पू चुनौती देता है कि हिम्मत है तो सामने आकर हमला करो'. समझने वाले को इशारा काफी है. अभी तो मुंबई ने ट्रेलर देखा है. बाकी महाराष्ट्र को अभी आपके (सरकार) खिलाफ खड़ा होना बाकी है.
शिंदे की नकल करते हुए आदित्य ने कसा तंज
अपनी दाढ़ी खुजाकर सीएम एकनाथ शिंदे की नकल करते हुए आदित्य ने तंज कसते हुए कहा कि जब उन्हें अपने आकाओं का फोन आता है तो अपनी दाढ़ी खुजाते हैं. उन्होंने कहा, "मैं पिछले एक साल से बीएमसी में भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे उठा रहा हूं. वो मेरे लेटर्स का जवाब तक नहीं दे रहे हैं. मैंने विशेषाधिकार हनन की चेतावनी दी तब जाकर उन्होंने संज्ञान लेना शुरू किया".
'ये अली बाबा और चालीस चोर का गैंग है'
राज्य सरकार पर हमलावर आदित्य ने कहा कि आप हमारे खिलाफ एसआईटी नियुक्त कर सकते हैं. मगर, आपको ठाणे, पुणे और अन्य निगमों में हुए भ्रष्टाचार को लेकर जांच के लिए एसआईटी बनानी चाहिए. सरकार पर हमला बोलते हुए आदित्य ने काह कि ये अली बाबा और चालीस चोर का गैंग है. राज्य में कोई काम नहीं हुआ है. बस दो फोटो के साथ होर्डिंग्स नजर आ रहे हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









