
सोनिया गांधी की हालत स्थिर, डॉक्टरों ने जारी किया हेल्थ अपडेट, मां से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल
AajTak
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को बुखार और संक्रमण के चलते दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी स्थिति पर करीब से नजर रख रही है. इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी मां से मिलने अस्पताल पहुंचे हैं.
सोनिया गांधी के हेल्थ अपडेट जारी कर बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है. डॉक्टरों की टीम उन्हें एंटीबायोटिक्स दे रही है, फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस चेयरपर्सन को मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे सर गंगा राम अस्पताल में बुखार की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था. दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने गुरुवार को सोनिया गांधी का हेल्थ अपडेट जारी करते हुए बताया कि सोनिया गांधी के पेट और यूरिनरी ट्रैक्ट में इन्फेक्शन की जांच की जा रही है. डॉक्टरों की टीम उन्हें एंटीबायोटिक्स दे रही है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है. अस्पताल के चेयरमैन के अनुसार, डॉ. डी.एस. राणा, डॉ. एस. नंदी और डॉ. अरूप बसु की देखरेख में उनका एंटीबायोटिक दवाओं से इलाज चल रहा है और दवाओं से उन्हें लाभ हो रहा है. फिलहाल उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है और आगे की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. वहीं, सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलते ही उनके पुत्र राहुल गांधी सर गंगा राम अस्पताल पहुंचे. उन्होंने वहां मौजूद डॉक्टरों से अपनी मां के स्वास्थ्य और चल रहे इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी ली. कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. अस्पताल ने कहा है कि स्थिति पर लगातार अपडेट दिया जाएगा.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










