
मेजर इकबाल vs रहमान डकैत... एक ही कहानी के दो विलेन, एक भौकाली दूसरा फीका क्यों?
AajTak
धुरंधर 2 की थाली में जनता को सारे स्वाद मिल रहे हैं. मगर विलेन वाली कटोरी में मसाला थोड़ा कम लग रहा है. पहले पार्ट में रहमान डकैत बने अक्षय खन्ना की याद पब्लिक को रह-रहकर आ रही है. क्या अर्जुन रामपाल विलेन के रोल में कमजोर लग रहे हैं? चलिए धुरंधर के दोनों खलनायकों का एक्स रे करके देखते हैं.
धुरंधर 2 देखने के बाद अधिकतर लोग संतुष्ट होकर घर लौटे. उन्हें धुरंधर का वो काबिल सीक्वल मिला, जैसा चाहिए था. लेकिन आदित्य धर की फिल्म से इस बार एक शिकायत काफी सुनने में आ रही है. वही शिकायत जो कई बार बड़ी फिल्मों में पाई जाती है― कमजोर विलेन. अर्जुन रामपाल के मेजर इकबाल से जनता को उम्मीद थी कि वो रणवीर सिंह के हीरो, हमज़ा उर्फ़ जसकीरत का सांस लेना हराम कर देगा.
इकबाल का खौफ जितना भयानक होता हमज़ा को उतना खून-पसीना बहाना पड़ता. हीरो उतना शानदार निकल के आता. मगर ये हो न सका… और अब ये आलम है कि धुरंधर 2 में अक्षय खन्ना नहीं, उनका गम भी नहीं! पर क्या इस दुख-शोक-संताप-पीड़ा का कारण अर्जुन रामपाल हैं?
क्यों खतरनाक विलेन था रहमान डकैत? धुरंधर में अर्जुन रामपाल ने जैसे इंसानी बदन से खाल खींचने का नया तरीका खोजा था, वो एक ट्रेलर की तरह था. आपको पहले ही ये इशारा कर दिया गया था कि मेजर इकबाल का कहर कहानी के सेकंड पार्ट में दिखेगा. क्योंकि कहानी के पहले हिस्से में रणवीर सिंह के हीरो, हमज़ा उर्फ़ जसकीरत का मेन टारगेट रहमान डकैत है. अक्षय खन्ना के दमदार अंदाज ने रहमान को ऐसा पर्दाफाड़ भौकाल भी दिया था कि वो सीन में हों या न हों, उनका डर बना रहता था.
लेकिन इस डर में सिर्फ अक्षय खन्ना के काम का ही नहीं, धुरंधर की राइटिंग टीम का बहुत बड़ा रोल है. आदित्य धर और उनके साथ राइटर्स ने कैरेक्टर आर्क ऐसा बनाया था कि आपको शुरू से ही समझ आ जाता है― खौफ का दूसरा नाम रहमान भाई!
कहानी में पहले रहमान नहीं इंट्रोड्यूस हुआ था, उसका डर इंट्रोड्यूस हुआ था. आलम भाई (गौरव गेरा) शुरुआत में ही बता रहे थे कि कैसे रहमान ने अपनी मां को मार दिया था. इसी से आपको उसकी लिमिट्स पता लग जाती हैं. उसके बेटे की मौत कराची पर कहर बनकर गिरेगी, इसका अंदाजा आपको पहले आलम, जमील जमाली और बाकी कैरेक्टर्स की बातचीत से लगा था. उसके बाद चील चौक पर रहमान का बदला, हवा में मंडराते खौफ को शक्ल दे देता है.
रहमान इमोशनल था ये बात उसके पहले सीन से, फैमिली के साथ उसके इंटरेक्शन से नजर आती है. साथियों की केयर करना, फैसलों पर अडिग रहना और बेईमानी बर्दाश्त न करना रहमान को एक कैरेक्टर देता है. आपको पता होता है कि इस तरह का आदमी बदले के लिए, अपने ठाने को पूरा करने के लिए कुछ भी कर जाएगा. धुरंधर (पहले पार्ट) के क्लाइमेक्स में इस खलनायक का पूरा कद देखिए― उसे ये विश्वास था कि वो हमज़ा, असलम चौधरी और पूरी फोर्स से बच निकलेगा. और वो ऑलमोस्ट कामयाब हो ही गया था.

गुजरात के नवसारी जिले के चिखली तालुका में 38 वर्षीय एक व्यक्ति को अपनी लिव-इन पार्टनर की 13 और 14 वर्षीय दो नाबालिग बेटियों से बार-बार बलात्कार करने और उनमें से एक को गर्भवती करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार, जब 14 वर्षीय लड़की को पेट दर्द हुआ तो मेडिकल जांच में उसकी गर्भावस्था का पता चला. इसके बाद दोनों लड़कियों ने खुलासा किया कि आरोपी पिछले कई महीनों से उनके साथ बार-बार बलात्कार कर रहा था.

जंगल में बंदरों के साथ क्रूरता... गले और जबड़े में धंसे मिले नुकीले तीर, आरोपियों पर 25 हजार का इनाम
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित येऊर जंगल में दो बंदरों को तीर मारकर घायल कर दिया गया. यह मामला सामने आया तो खबर वन विभाग के अधिकारियों तक पहुंची. अब इस मामले को लेकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर तीन टीमें गठित की गई हैं. वहीं आरोपियों के बारे में जानकारी देने वालों के लिए 25,000 का इनाम घोषित किया गया है.

डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा अमेरिका की सत्ता में काबिज होने के बाद से ही दुनिया उनके लिए गए बड़े फैसलों से दो-चार हो रही है. इसमें रेसिप्रोकल टैरिफ, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को बंधक बनाए जाने, नोबल पुरस्कार या इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमले का हालिया फैसले शामिल है. कुल मिलाकर दुनियाभर में राष्ट्रपति ट्रंप की मनमानी की चर्चा जोरों पर है. इसी पर आधारित है 'सो सॉरी' का ये गुदगुदा देने वाला एपिसोड.










